उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिला नया संबल – पैराग्लाइडिंग ग्राउंड क्रू प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र वितरण समारोह सम्पन्न

देहरादून l टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC) तथा VISA के सहयोग से, स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत आयोजित पैराग्लाइडिंग ग्राउंड क्रू प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाण पत्र वितरण समारोह दिनांक 8 मई 2025 को देहरादून स्थित रेनबो हॉल, आईटीबीपी सीमाद्वार में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात उत्तराखंड की लोकसंस्कृति पर आधारित “नंदा राजजात यात्रा” की भव्य नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थितजनों को प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया। इस अवसर पर मंच की शोभा बढ़ाई तीन विशिष्ट अतिथियों ने:

  1. सुश्री पार्नल वत्स, वरिष्ठ प्रबंधक – नीति एवं सार्वजनिक मामलों (सरकारी समन्वय), VISA, मुंबई
  2. श्री अभिषेक आनंद, उपाध्यक्ष – मूल्यांकन एवं प्रमाणन, टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC), नई दिल्ली
  3. सुश्री पूनम चंद, अपर निदेशक, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB)

सुश्री पर्नल वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि, “VISA का प्रयास है कि युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाए। उत्तराखंड जैसे राज्यों में साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में इस तरह की पहल अत्यंत सार्थक है।”

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श्री अभिषेक आनंद ने प्रशिक्षण की व्यावसायिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, “पैराग्लाइडिंग ग्राउंड क्रू का कार्य जोखिम भरा होते हुए भी अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण होता है। THSC का प्रयास है कि देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार के योग्य और आत्मनिर्भर बनाया जाए।”

सुश्री पूनम चंद ने कहा, “पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक रोजगारपरक उद्योग है। इस प्रकार के प्रशिक्षण स्थानीय युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।”

प्रशिक्षण के प्रमुख लाभ:

  • साहसिक पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षित संचालन हेतु आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण
  • रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि
  • उत्तराखंड के स्थानीय युवाओं को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ना
  • पर्यटक अनुभव को सुरक्षित एवं संगठित बनाना
  • आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस पहल
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इस चार दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पैराग्लाइडिंग उपकरण संचालन, टेक-ऑफ व लैंडिंग समर्थन, मौसम विश्लेषण, आपातकालीन प्रतिक्रिया, एवं संचार प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें आईटीबीपी के जवान भी सम्मिलित थे।

समारोह के दौरान प्रतिभागियों को उनके प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भेंट किए गए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक छायाचित्र सत्र एवं भोज के साथ हुआ।

यह आयोजन न केवल एक प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम था, बल्कि यह उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणास्पद पहल सिद्ध हुआ।

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