विषय: कैंची धाम जाम समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर प्रधान संगठन नाराज

गरमपानी। कैंची धाम में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या के समाधान को लेकर मंगलवार को नैनीताल में प्रशासन द्वारा बैठक आयोजित की गई, लेकिन प्रभावित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों को न तो बैठक की जानकारी दी गई और न ही आमंत्रित किया गया।
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष जेडी कत्युरा ने कहा कि कैंची धाम के जाम की वास्तविक स्थिति और उससे स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों, टैक्सी चालकों तथा मरीजों को होने वाली परेशानियों की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बेहतर किसी को नहीं हो सकती। इसके बावजूद कैंची धाम के ग्राम प्रधान तक को बैठक में आमंत्रित नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्राम प्रधान चोरसा किशोर ढैला ने कहा कि सेनेटोरियम–रातीघाट बाईपास मार्ग पर सड़क के दोनों ओर पार्किंग और शटल सेवा का संचालन होने से मार्ग पर लगातार लंबा जाम एवं अव्यवस्था बनी रहती है। साथ ही सड़क किनारे कूड़ा-कचरा भी बिखरा रहता है। इससे सिरोड़ी, भवालीगांव, चोरसा, पाडली सहित आसपास के ग्रामों तथा बाईपास मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
बुधवार को ग्राम प्रधान संगठन एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक में इस पर नाराजगी जताई गई। बैठक में ऊषा पिनारी, ग्राम प्रधान छड़ा खैरना; किरन आर्या, ग्राम प्रधान सिलटोना; ग्राम प्रधान तल्लाकोट; भास्कर चंद्र, ग्राम प्रधान मझेड़ा; खीम सिंह, ग्राम प्रधान सीम; दीपक सिंह रावत, ग्राम प्रधान दिग्थीरी; गीता पाठक, ग्राम प्रधान बारगल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
संगठन ने मांग की कि कैंची धाम एवं आसपास की यातायात व्यवस्था से संबंधित आगामी सभी बैठकों एवं निर्णयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी जारी रही और एकतरफा निर्णय लिए गए तो ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।











