विश्व रंगमंच दिवस समारोह जारी रहा
देहरादून। विश्व रंगमंच दिवस समारोह के चौथे दिन रंगमंच विभाग दून विश्वविद्यालय के छात्रों की प्रस्तुति ‘ राजपुर रोड का रोमियो ‘ का मंचन हुआ। हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन किया प्रोफेसर कैलाश कंडवाल ने किया।
कथा अनुसार बन्नू नाम का लड़का एक शादीशुदा महिला सावित्री से प्रेम कर बैठा है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार है। दोस्तों के समझाने के बावजूद वो नहीं मानता और आत्महत्या देने की धमकी देने लगता है , ऐसे में दोस्त लोग उसे बाबा सनकीदास के पास जाने के सलाह देते है। बाबा बन्नू को दस दिन तक अनसन पर बैठने को कहते है और उसे पूर्व जनम का ऋषि घोषित करवा देते है। इससे भी कुछ नहीं होता तो बन्नू और सावित्री की जाती के लोगों को आपस में लडवा देते है , शहर में दंगा हो जाता है। टीवी अख़बारों में खबर फ़ैल जाती है , उधर सावित्री भी बदनामी से परेशान होकर बन्नू के माँ से मिलती है। बन्नू की माँ को ये सब बहुत शर्मनाक लगता है और वो बन्नू को अनसन स्थल पर जाकर हड़काती है और सही दिशा में जाने की सलाह देती है।
नाटक समाज के ठेकेदारों पर तीखा प्रहार है।
मंच पर
बन्नू _ शाश्वत
सुरेंद्र – हिमांशु बिस्ट
विजय -सूरज
बाबा सनकीदास – विनीत पवार
सचिव – भाविक पटेल
स्वामी रसानंद – रमन छजोत्रा
सावित्री – ज्योति
राधिका बाबू – अमृत
माँ – सरिता भट्ट
टीवी एंकर – प्रणव पोखिरियाल
ब्राह्मण नेता – संजय वशिष्ट
कायस्थ नेता – सिया
न्यूज़ रिपोर्टर – अदिति
कैमरा पर्सन – शगुन
पुलिस अफसर – अंजेश कुमार
सिपाही – केशव
कोरस – सरिता बहुगुणा ,वैशाली नेगी ,प्रणव पोखरियाल,सरिता भट्ट,ज्योतसना इष्टवाल ,मानसी , अमिशि,मोनिका ,शगुन ,श्रेया प्रधान, सुहानी चमोली, यशश्वी , अदिति थपलियाल, संजय वशिष्ट
मंच परे
प्रस्तुति नियंत्रक – सरिता बहुगुणा, विनीत पवार, भाविक पटेल
सेट एवं मंच सामग्री – ज्योतसना इष्टवाल ,हिमांशु ,सूरज
वस्त्र विन्यास एवं साज सज्जा – सरिता भट्ट , आकृति , शौर्यन
संगीत – प्रणव पोखरियाल (हारमोनियम) , सरिता बहुगुणा ,ज्योतसना इष्टवाल
लाइट्स – सोनिया वालिया












