कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति ने विद्यार्थियों को ऑर्गेनिक स्पेक्ट्रोस्कोपी की उपयोगिता समझाई

नैनीताल l रसायन विज्ञान विभाग, डी.एस.बी. परिसर, नैनीताल में एम.एससी. रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए ऑर्गेनिक स्पेक्ट्रोस्कोपी विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। यह व्याख्यान कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने आधुनिक रसायन विज्ञान में स्पेक्ट्रोस्कोपी की भूमिका और उसके वैज्ञानिक तथा व्यावहारिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने व्याख्यान में उन्होंने विशेष रूप से न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेज़ोनेंस (एनएमआर) स्पेक्ट्रोस्कोपी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह एक स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीक है जिससे अणुओं की संरचना और उनके रासायनिक वातावरण की पहचान की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिद्धांत का उपयोग चिकित्सा विज्ञान में मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) तकनीक के रूप में किया जाता है, जिसके माध्यम से मानव शरीर के आंतरिक अंगों की बिना शल्यक्रिया के सटीक जाँच संभव होती है। इस प्रकार उन्होंने विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के सिद्धांतों के मानव जीवन और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्व से भी अवगत कराया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए प्रसिद्ध रसायन वैज्ञानिक प्रो. ओमर एम. यागी के जीवन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रो. यागी रेटिकुलर केमिस्ट्री के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक हैं और उन्होंने अपने जीवन के प्रारंभिक वर्षों में शरणार्थी के रूप में कठिन परिस्थितियों का सामना किया। इसके बावजूद अपने परिश्रम, लगन और वैज्ञानिक दृष्टि के बल पर उन्होंने विश्व वैज्ञानिक समुदाय में विशिष्ट स्थान प्राप्त किया। उनके जीवन से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है।
व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा भी हुई, जिसमें उन्होंने स्पेक्ट्रोस्कोपी और उसके विभिन्न वैज्ञानिक तथा चिकित्सीय अनुप्रयोगों से संबंधित प्रश्न पूछे।