हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, चिकित्सा सेवा भर्ती बोर्ड, उपनल व अन्य को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने को कहा है

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य की डिस्पेंसरी में उपनल के माध्यम से वर्षों से सेवारत फार्मेसिस्टों के स्थान पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद याचिका के अंतिम निस्तारण से पूर्व याचिकाकर्ताओं को पद पर बनाये रखने के निर्देश दिए हैं साथ ही राज्य सरकार, चिकित्सा सेवा भर्ती बोर्ड, उपनल व अन्य को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने को कहा है
न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की अवकाशकालीन एकल पीठ ने उपनल के माध्यम से सेवारत दीपक कुमार व 9 अन्य की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि उन्हें वर्तमान पद पर कार्य करते रहने दिया जाय साथ ही संबंधित विभाग को इन सभी याचिकाकर्ताओं के लिए पद सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अपनी सेवा और पद की सुरक्षा को लेकर अदालत से गुहार लगाई थी, जिस पर गौर करते हुए कोर्ट ने यह अंतरिम व्यवस्था दी है।
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अंतरिम उपाय के रूप में उन्हें उनके पदों से नहीं हटाया जाएगा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी 2026 को तय की गई है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस याचिका को इसी तरह के एक अन्य याचिका संख्या121/2026 के साथ सूचीबद्ध किया जाए, ताकि दोनों पर एक साथ विचार किया जा सके।