सनातन संस्कृति के गौरव श्रीराम” पर गोष्ठी संपन्न श्री राम मंदिर भारतीय संस्कृति का स्मारक है अतुल सहगल हिंदी से स्वाभिमान जागृत होता है अनिल आर्य

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “सनातन संस्कृति के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया I य़ह करोना काल से 602 वा वेबिनार था I वैदिक प्रवक्ता अतुल सहगल ने कहा कि श्रीराम मंदिर भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक है I यह संस्कृति आदिकाल से चल रही है क्योंकि यह ईश्वर प्रदत्त वैदिक विचारधारा से जुड़ी है l सनातन शब्द का अर्थ ही यही है जो सर्वदा अस्तित्व में रहे l उन्होंने कहा कि इस दिव्य संस्कृति को भारत से जोड़ते हुए इसके मुख्य लक्षणों और विशेषताओं को प्रस्तुत किया l मंदिर शब्द को लेकर उसकी विस्तृत विवेचना की l मंदिर वह स्थल है जहाँ मन को अपने ईष्ट देव परमेश्वर की और केंद्रित करके उसकी आराधना की जाती है l वैदिक विचारधारा के अनुसार आराधना में ईश्वर की स्तुति, प्रार्थना और उपासना आ जाते हैं l ये सब मन में ही होते हैं l इस लिए मन ही मंदिर है — ईश्वर उपासना का l मंदिर के रूप में जो विशाल भवन आदि निर्मित करते हैं वे हमारे महापुरुषों के स्मारक स्थल हैं और हमारी अनवरत संस्कृति के विस्तार के साधन हैं l श्रीराम मंदिर के कुछ ऐतिहासिक तथ्य सामने रखे l इस मंदिर के निर्माण में हमारे समाज के गणों ने जो संघर्ष किये और धन, ऊर्जा और प्राण अर्पित किये वे उल्लेखनीय हैं l राम जन्मभूमि पर स्थित पुरातन मंदिर के सन् 1528 में बाबर द्वारा विध्वन्स के बाद की घटनाओं से लेकर पिछले 100 वर्ष के घटनाक्रम का उल्लेख किया l आज भव्य राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में है l वक्ता ने बताया कि ₹ 1500 करोड़ की लागत से यह मंदिर दिसंबर 2025 तक पूर्ण रूप से बन जायेगा l वक्ता ने उसके बाद इस बात का उल्लेख किया कि किस प्रकार भारतवासियों की अपनी दुर्बलताओं के कारण ही वे विदेशी शत्रुओं से परास्त हो गए और राम मंदिर और उसके जैसे अन्य स्मारक शत्रुओं द्वारा नष्ट भ्रष्ट कर दिए गए l ऐसा अब न होने देने का हम प्रण करें l अपनी सांस्कृतिक विकृतियों को दूर करें और अपनी दुर्बलताओं का निराकरण करें l श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में अधिक से अधिक उतारें l यही समय की मांग है l श्रीराम को राष्ट्र पुरुष घोषित करें और सरकारी मुद्राओं पर उनका चित्र अंकित करें l इससे भी आगे बढ़ते हुए हम श्रीराम को युगपुरुष के रूप में प्रतिष्ठित करें l भव्य श्रीराम मंदिर को अपनी दिव्य संस्कृति के विश्वरूपी विस्तार का साधन केंद्र बनायें l
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है I मुख्य अतिथि शिक्षाविद श्री निवास तिवारी व अध्यक्ष सोहन लाल आर्य ने श्री राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया I राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया गायिका कमला हंस, रविन्द्र गुप्ता, प्रवीना ठक्कर, कौशल्या अरोड़ा, विजय खुल्लर,उषा सूद,चन्द्र कांता आर्य,राजश्री यादव ,चन्द्र कांता गेरा,जनक अरोड़ा, अमित आर्य (बांग्लादेश),कुसुम भंडारी आदि ने भी अपने गीत व विचार रखे I

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