उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का दशम दीक्षांत समारोह सम्पन्न

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का दशम दीक्षांत समारोह सम्पन्न
कुलाधिपति उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएस, यूवाईएसएम,एवीएसएम,वीएसएम (सेवानिवृत्त) द्वारा मानक उपाधि प्रदान करने के साथ ही सम्मानित किया गया।
कुल 18146 शिक्षार्थियों को मिली उपाधि
2 को कुलाधिपति मेडल
28 को विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल
4 को प्रायोजित मेडल
विश्वविद्यालय के 6 शिक्षकों को सम्मान
हैलो हल्द्वानीृ रेडियो ऐप तैयार करने के लिए आईसीटी अनुभाग के इंजिनियर को सम्मान।
इस अवसर पर महामहिम द्वारा परिसर में शौर्य दीवार का अनावरण भी किया गया।
हल्द्वानी 12 जनवरी 2026 सूवि।
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह सोमवार को विश्वविद्यालय के सभागार में भव्यता पूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह द्वारा की गई।
इस अवसर पर कुल 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारम्भ शोभायात्रा, राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
इस अवसर पर कुलाधिपति माननीय राज्यपाल ने विद्यार्थियों को युवा दिवस की बधाई देते हुये कहा कि सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षिक कार्यों की सराहना की तथा कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर घर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहा है, विश्वविद्यालय ने कई शिक्षण संस्थान, कारागार, सेना, आई आई टी रुड़की जैसे संस्थानों से समझौता कर सभी को उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम किया है।
कुलाधिपति ने विभिन्न विधाओं में स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त लोगों से कहा कि आप लोग क्रान्तिकारी है अपनी ज्ञान को प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक पहुच कर शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडने का सराहनीय कार्य करें। उन्होने कहा कि कोई राष्ट्र तब तक विकसित नही हो सकता जब तक कि शिक्षा को अपना मुख्य आधार न बनाए।
कुलाधिपति ने कहा कि उठो जागो, तब तक जागो जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो। राष्ट्र सर्वोपरि है और अपने आप में परिवर्तन लायें तथा अपने सपनों को लक्ष्य के रूप में परिभाषित करें।
उन्होंने कहा शिक्षा एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है जीवन में सीखने की वृत्ति एक विद्यार्थी के भीतर हमेशा होनी चाहिए। जिज्ञासा का उदय व उसके शमन हेतु निरंतर अन्वेषण एक शिक्षार्थी का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा आज के युग में डिजिटल शिक्षा हमारी आवश्यकता है राष्ट्र की प्रगति शिक्षा व्यवस्था से तय होती है। कुलाधिपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2047 तक जो विकसित भारत का संकल्प लिया गया है उसे साकार करने हेतु यह शिक्षण संस्थान भी अपने स्तर से अमृत कार्य कर रहा है उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा से तय होती है शिक्षा के स्तर को आगे बढ़ने का कार्य इस विश्वविद्यालय द्वारा अनवरत तौर पर किया जा रहा है, 60 से अधिक देशों के 2 लाख से अधिक शिक्षणार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं साइबर सुरक्षा डिजिटल जैसे पाठ्यक्रम यहां संचालित हो रहे हैं,उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला प्रदेश का यह प्रथम विश्वविद्यालय है इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी बधाई दी इस अवसर पर विभिन्न पत्रिकाओं वार्षिक कैलेंडर हिंदी वेबसाइट का भी लोकार्पण किया है।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात शोभायात्रा के साथ समारोह का समापन हुआ।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी।
इसके उपरान्त कुलाधिपति द्वारा विधिवत उपाधि-प्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई।
पीएच.डी. उपाधि प्राप्त शोधार्थी,शिक्षाशास्त्र विद्याशाखारू संजना रौतेला, नमिता बोरा, लता आर्या मानविकी विद्याशाखारू बसुदेव प्रसाद, शशांक शर्मा, कमल डिमरी
कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थी
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञानरू प्रेरणा भट्ट
शिक्षाशास्त्ररू प्रवेश कुमार
विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थी (कुल 28)
समाज विज्ञान विद्याशाखा
अंकित ढौंडियाल, हितेश चंद्रा, रेखा गैड़ा, सबीहा ख़ान, कुमारी दीक्षा, प्रियंका तिवारी
शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा
बलवंत सिंह, रजनी गुरे, सौम्या कांडपाल, पंकज जोशी, अर्पिता शर्मा, जागृति चौहान
मानविकी विद्याशाखा
हिमांशु ओली, कुमारी हेमवंती, दीपिका, प्रवेश कुमार स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा
कुसुमलता, सुमित गिरि
प्रबंध अध्ययन एवं वाणिज्य विद्याशाखा स्वाति बिष्ट अंशुल अग्रवाल, अंकिता नेगी
विज्ञान विद्याशाखा
योगिता रावत, मोनिका, अमित कुमार, हर्षिता मेहता, रैना शुक्ला, ईशिता पांडे
प्रायोजित स्वर्ण पदक
लाला देवकी नंदन नंद किशोर एजेंसीज स्मृति स्वर्ण पदक (पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान)रू प्रेरणा भट्ट
श्रीमती शीला देवी, धर्मपत्नी लाला ओम प्रकाश स्मृति स्वर्ण पदक (मानविकी)रू प्रवेश कुमार
श्रीमती भगवती देवी, लाला नंद किशोर स्मृति स्वर्ण पदक (प्रबंध अध्ययन एवं वाणिज्य)रू अंकिता नेगी
कल्याण भवति समिति पदक (शिक्षाशास्त्र)रू सौम्या कांडपाल
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 06 शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें प्रो. गिरिजा पाण्डेय, प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. रेनू भट्ट, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह फर्सवान शामिल थे। इसके अलावा आई सी टी अनुभाग से विनीत पौरियाल को रेडियो ऐप हैलो हल्द्वानी तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर माननीय राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में शौर्य दिवार का भी लोकार्पण किया।
इससे पूर्व जनपद आगमन पर जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल एवं अन्य के द्वारा एफटीआई मैदान में बुके देकर माननीय राज्यपाल का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
दीक्षांत समारोह में विद्यापरिषद के सदस्य प्रो. पी.एस. बिष्ट, डॉ. एच.सी. पुरोहित एवं कार्यपरिषद के सदस्य प्रो. बी.एस. राजपूत, श्री रमेश चंद्र बिंजोला और डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जी बी पंत विश्वविद्यालय के प्रो एम एन एस चौहान, श्री देव सिंह सुमन के कुलपति प्रो एन के जोशी, प्रो. एच पी शुक्ला, प्रो. उमा जोशी, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दर्जा मंत्री रेनु अधिकारी,पूर्व सांसद महेेन्दर पाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टीसी मंजूनाथ टीसी सभी विद्याशाखा के निदेशक व अधिकारी और कर्मचारी आदि उपस्थित थे।









