श्रीमद् देवी भागवत कथा दूसरे दिन भी जारी

भवाली (नैनीताल)! श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का द्वितीय दिवस भी जारी रहा ल
“अन्तत ब्रह्माण्ड में व्याप्त है मां भगवती “।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस आज प्रातःकालआचार्य-कैलाश चंद्र जोशी,कैलाश चंद्र पांडे,मोहन चन्द कपिल,नीरज पडलिया,दीपेश कपिल,भागवत कथा के मुख्य आयोजक यजमान श्रीमती नीलम मेहरा एवं बालम सिंह मेहरा पुत्र श्रीमती वसंती मेहरा श्री सगत सिंह मेहता, तथा आज के यजमानों में श्रीमती सुमिता काण्डपाल श्री हरि शंकर काण्डपाल,श्रीमती नीमा क्वीरा श्री देवेन्द्र क्वीरा, श्रीमती नीतू बिष्ट श्री महेन्द्रबिष्ट,के द्वारा देवी भगवती विग्रह का पूजन,गणेश पूजन,पंचांग पूर्वांगादि-पूजन,के साथ साथ देवी मंदिर भवाली में उपस्थित सभी देवी देवताओं का विधिवत पूजन -अर्चन किया गया।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आज द्वितीय दिवस अपराह्न दो बजे से श्रीमद् देवी भागवत कथा का शुभारंभ व्यास आचार्य कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा मंगलाचरण के द्वारा किया गया।इस शुभ अवसर पर संगीत के कलाकारों द्वारा देवी स्तुति – “जय भगवती देवी नमो,जय पाप विनाशनी बहू वर दे… तथा श्री हनुमान चालीसा के पाठ के साथ शुभारंभ किया गया।
व्यास कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा भगवती देवी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन किया गया,महालक्ष्मी,महासरस्वती,महाकाली अर्थात त्रिदेवों की शक्ति के साथ साथ मां के नौ रूपों/नौ भेदों,१०८ नामों/भेदों का वर्णन,श्रीमद् देवी भागवत के अनुसार देवी के एक हजार नामों व सहस्त्रों भेदों भगवती जो कण कण में व्याप्त है,वो सब उसी मां भगवती का ही स्वरुप है जो अन्नत ब्रह्माण्ड में व्याप्त है उन भगवती का वर्णन जिसे महर्षि व्यास जी द्वारा किया गया था,उस विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
श्रीमद् देवी भागवत कथा में भजन गायन के संगीतकार आचार्य उमा शंकर कपिल, आचार्य नीरज सती,आचार्य पंकज जोशी द्वारा कथा के बहुत ही सुंदर- सुंदर भजनों का गायन किया गया,जिसमे उपस्थित श्रृद्धालु भक्त जनों के द्वारा भी हर्षोल्लास के साथ इनका आनन्द लिया गया।
इस श्रीमद् देवी भागवत यज्ञ को सफल बनाने में हरि शंकर काण्डपाल,आरती भगत तथा अनेक भक्तों / सेवकों के द्वारा विशेष सहयोग दिया जा रहा है। व्यास जी ने सभी श्रृद्धालुओं से आज भी पुनः विनम्र निवेदन किया कि देवी मंदिर भवाली में यह जो श्रीमद् देवी भागवत यज्ञ का आयोजन किया गया है उसमें प्रतिदिन अपराह्न २ बजे से आप सभी सपरिवार सम्मिलित होकर मां भगवती जगदम्बिका की कृपा प्राप्त करें। व्यास जी ने यह भी कहा कि जो यजमान श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन करता है या कराते हैं उनकी सात पीढ़ी पहले की तथा सात पीढ़ी बाद की उन सभी का उद्धार तरो-तारण हो जाता है! श्रीमद् देवी भागवत कथा श्रवण के फलस्वरूप समस्त आपत्तियां नष्ट होती हैं और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
इस शुभ अवसर पर आज मौसम के अत्यधिक खराब होने के बावजूद श्रृद्धालु भक्तों की भीड़ रही।










