डी एस बी परिसर नैनीताल की छात्रा स्नेहा मुरारी ने IKS परीक्षा में किया टॉप, राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन

नैनीताल l कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डीएसबी कैंपस, नैनीताल की शिक्षा विभाग (आई०टी०ई०पी) की प्रतिभाशाली छात्रा स्नेहा मुरारी ने भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System–IKS) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कैंपस स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ ही उनका राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन भी हुआ है। स्नेहा की यह सफलता पूरे डीएसबी कैंपस, नैनीताल तथा कुमाऊँ विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। भारतीय ज्ञान प्रणाली परीक्षा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, दर्शन, पारंपरिक विज्ञान एवं जीवन मूल्यों की गहन समझ विकसित करना है। देशभर के हजारों विद्यार्थियों के बीच शीर्ष स्थान प्राप्त करना स्नेहा मुरारी की मेहनत, लगन और अनुशासन का स्पष्ट प्रमाण है। उनकी इस सफलता से यह संदेश जाता है कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी युवाओं के लिए उतनी ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। इस अवसर पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० दीवान सिंह रावत ने स्नेहा मुरारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्रों की प्रतिभा को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्नेहा राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित करेंगी तथा अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी। वहीं शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो० अतुल जोशी जी ने कहा कि “भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) परीक्षा में सुश्री स्नेहा मुरारी द्वारा शीर्ष स्थान प्राप्त करना हमारे लिए अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है। यह उपलब्धि न केवल स्नेहा की मेहनत, लगन और बौद्धिक क्षमता का परिणाम है, बल्कि यह हमारे विभाग के शिक्षण, शोध एवं मार्गदर्शन की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। मैं स्नेहा मुरारी को इस उत्कृष्ट सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। साथ ही, मैं विश्वविद्यालय की समन्वयक डॉ० उमंग सैनी, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० अशोक उप्रेती तथा सभी प्राध्यापकों, तथा सहयोगी कर्मचारियों को भी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। यह सफलता टीम वर्क, समर्पित शिक्षण और निरंतर अकादमिक प्रयासों का प्रतिफल है। हम आशा करते हैं कि स्नेहा भविष्य में भी इसी प्रकार। का उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर कर भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुएँगी और समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।”