श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन शुरू

नैनीताल। आदर्श नगर, राधा कृष्ण मंदिर हल्द्वानी में ३० मार्च से ६ अप्रैल २०२५ तक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन कथा वाचक व्यास पण्डित आचार्य भुवन चंद्र त्रिपाठी जी द्वारा किया जा रहा है।
आज श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कि कथा का शुभारंभ मंगलाचरण- अच्युतम केशवम राम नारायणं… के साथ आरम्भ हुआ। कथा का शुभारंभ महाभारत युद्ध के पश्चात युधिष्ठिर श्री कृष्ण संवाद से हुआ। युधिष्ठिर श्री कृष्ण से बोले यह महाभारत का युद्ध मेरे कारण हुआ गुरु जनों,बालकों, प्रेमी स्वरूप पित्रों का वध मेरे कारण हुआ, मुझे नर्क में रहना पड़ेगा । में राज गद्दी में नहीं बैठ सकता।‌‌भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का भी जब कोई असर नहीं हुआ तो भगवान श्री कृष्ण युधिष्ठिर को शेष शय्या पर पड़े भीष्म पितामह के पास ले गये श्री कृष्ण ने पितामह से कहा कि कृपा करके युधिष्ठिर को उपदेश दीजिए और पितामह के उपदेश से युधिष्ठिर का मोह दूर हुआ। इसके उपरांत व्यास ने शंख के माहात्म्य के विषय में जानकारी दी और यह भी बतलाया कि देवियों को शंख क्यों नहीं बजाना चाहिए। शकुन शास्त्र के विषय में जानकारी दी।
राजा परीक्षित कि कथा का विस्तृत रूप से वर्णन किया। राजा परीक्षित कलियुग के कथानक को विस्तार पूर्वक समझा। वर्तमान में कलियुग से कैसे बचा जा सकता है इस विषय पर विस्तार पूर्वक उदाहरण देकर समझाया।
भजन मंडली के गायकों व वादकों के द्वारा बहुत ही सुन्दर भजनों का गायन समय-समय पर किया गया।जिसका उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा भी सामूहिक रूप से भी गायन का आनन्द लिया गया। आज कि कथा के विश्राम होने पर आचार्य व्यास जी द्वारा भक्तों को प्रसाद दिया गया।

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