कुमाऊं विश्वविध्यालय नैनीताल में शनिवार को डीएसबी परिसर की छात्राओं हेतु सेल्फ डिफ़ेन्स कैम्प का उद्घाटन किया गया

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नैनीताल l कुमाऊं विश्वविध्यालय नैनीताल में शनिवार को डीएसबी परिसर की छात्राओं हेतु सेल्फ डिफ़ेन्स कैम्प का उद्घाटन किया गया। आज हरमिटेज भवन में इस कैम्प का उद्घाटन कुलपति प्रो दीवान एस रावत द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन डीएसबी परिसर नैनीताल की 05 यूके नेवल सब यूनिट एनसीसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर प्रो रावत ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा समाज के लिए सर्वाेपरि है, यही कारण है कि आवश्यक आत्मरक्षा कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए विश्वविघालय में इस शिविर का आयोजन किया है। आज की दुनिया में, हर किसी के लिए, विशेषकर युवा लड़कियों के लिए, विभिन्न परिस्थितियों में खुद को बचाने के लिए ज्ञान और तकनीकों से लैस होना महत्वपूर्ण है। हर लड़की को सुरक्षित और सशक्त महसूस करने का अधिकार है, और इस शिविर का उद्देश्य आपको साहस और लचीलेपन के साथ दुनिया का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और कौशल प्रदान करना है।छात्राओं के लिए यह शिविर आत्मरक्षा के कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाने की एक बेहतरीन पहल है, जो उन्हें संभावित खतरनाक स्थितियों में खुद की रक्षा करने में मदद कर सकता है। आत्मरक्षा शिविर का उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न वातावरणों में उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए व्यावहारिक तकनीक सिखाना है। शिविर का उद्देश्य उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है, उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक साहस प्रदान करना है। छात्राओं के लिए एक आत्मरक्षा शिविर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक कौशल पैदा करके उनके जीवन पर स्थायी प्रभाव डाल सकता है।
इस कार्यक्रम के समन्वयन कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के एनसीसी अधिकारी सब ले डॉ रीतेश साह ने कहा कि आत्मरक्षा सीखने से कई लाभ मिलते हैं, जिसमें बेहतर शारीरिक फिटनेस, बढ़ा हुआ आत्मविश्वास और बेहतर सजगता शामिल है। यह छात्राओं को संभावित खतरों का आकलन करना और उनसे बचना, व्यक्तिगत सीमाओं को सुनिश्चित करना और प्रभावी ढंग से संवाद करना सिखाता है। आत्मरक्षा का अभ्यास तनाव को दूर कर सकता है और मानसिक रूप से मजबूत बना सकता है। इसके अतिरिक्त, यह प्रशिक्षण संभावित खतरनाक स्थितियों में स्वंय की आत्मरक्षा के लिए व्यावहारिक कौशल के साथ अपने से कमजोर लोगो का रक्षा करने में सक्षम बना सकता है।
सब ले डॉ रीतेश साह ने बताया कि इस कार्यक्रम में शारीरिक प्रशिक्षण के अलावा, शिविर में इंटरैक्टिव सत्र भी शामिल होंगे। इस सेल्फ डिफेंस कैम्प में मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट कुमारी ज्योति दुर्गापाल द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्योति को ताईक्वानडो में ब्लैक बेल्ट सेकंड डान प्राप्त है और वो राष्ट्रीय कोच होने के साथ साथ राष्ट्रीय खेल 2023 तथा खेलो इंडिया की नेशनल रेफ़री रह चुकी है। उन्हें बेस्ट नेशनल फीमेल कोच अवार्ड 2022 भी प्राप्त हो चुका है। ज्योति पूर्व एनसीसी कैडेट तथा कुमाऊं विश्वविध्यालय नैनीताल की छात्रा रही है। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा से संबंधित विभिन्न दाव-पेंच से अवगत कराया और बेहतर फिटनेस रखने का अभ्यास भी दिया। उन्होने कहा कि हर लड़की को सुरक्षित और सशक्त महसूस करने का अधिकार है, और इस शिविर का उद्देश्य आपको साहस और लचीलेपन के साथ दुनिया का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और कौशल प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में 40 से अधिक विद्यार्थियों तथा एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।

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