क्रांतिकारी अमर शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की


देहरादून। संयुक्त नागरिक संगठन के तत्वावधान में गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों की 95वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्रांतिकारियों के विचारों को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि “क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है” और विचारों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता।
इस अवसर पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को नमन करते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश को आज भी ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो सामाजिक सद्भाव, एकजुटता, त्याग और राष्ट्र सेवा की भावना को आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम में उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक – तिलक राज शर्मा, संयोजक – डॉ स्वामी एस चंद्रा, महासचिव – रविंद्र दत्त सेमवाल, संगठन सचिव – श्रीकांत विमल, मैती आंदोलन के प्रेरणाश्रोत पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, संगठन के संरक्षक- ब्रिगेडियर के. जी. बहल सहित कई वक्ताओं ने कहा कि आजादी के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने वर्तमान नेतृत्व और प्रशासन को भी यह स्मरण कराने की आवश्यकता बताई कि स्वतंत्रता संघर्ष के बलिदानों की बदौलत ही आज लोकतांत्रिक व्यवस्था संभव हो पाई है।
इस दौरान सामाजिक संगठनों, जागरूक नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों की भूमिका को भी देश सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों, सीमाओं पर बलिदान देने वाले सैनिकों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुकरेती और सुशील त्यागी ने किया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गिरीश भट्ट, उमेश्वर सिंह रावत, जगदीश बावला, मेजर एम.एस. रावत, अंशुल घई, प्रभात जी एवं सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।