अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन व खान मंत्रालय की तकनीकी विशेषज्ञ समिति में प्रो. संतोष कुमार शामिल

नैनीताल । देश में महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के अनुसंधान और विकास को गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) और खान मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘माहा क्रिटिकल रॉ मटेरियल्स रिसर्च प्रोग्राम’ के अंतर्गत गठित की गई है।
यह समिति देशभर में स्थापित नौ उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा प्रस्तुत अनुसंधान प्रस्तावों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी मूल्यांकन करेगी तथा खनिज क्षेत्र में अनुसंधान की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रो. संतोष कुमार का चयन देश के चुनिंदा विशेषज्ञों में किया गया है, जो उनकी अकादमिक उत्कृष्टता और शोध योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता को दर्शाता है। इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
‘माहा-सीआरएम’ (Mission for Advancement in High-Impact Areas) कार्यक्रम के अंतर्गत लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और दुर्लभ मृदा तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अनुसंधान, खनन, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण पर विशेष बल दिया जा रहा है। ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप इस कार्यक्रम के लिए तीन वर्षों हेतु 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर प्रौद्योगिकी, अर्धचालक उद्योग और बैटरी भंडारण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इन खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल देश की औद्योगिक और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रो. कुमार की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता का भी प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सहभागिता से विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान कार्यक्रमों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिलेगा।