जागृति की ज्योति में निरंकारी संत समागमकी तैयारियाँ अंतिम चरण में 

नैनीताल। जहाँ ब्रह्मज्ञान से चेतना जागृत हो, प्रेम से हृदय आलोकित हो और सेवा जीवन का संकल्प बन जाए वहीं संत समागम आत्मिक जागृति का ऐसा पावन उत्सव बन जाता है, जो मनुष्य को अपने भीतर झाँकने और परमात्मा से जुड़ने की प्रेरणा देता है। इसी दिव्य भाव और आध्यात्मिक चेतना को साकार करते हुए, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में 79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 23 से 26 अक्टूबर, 2026 तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित होने जा रहा है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर एकत्र होकर सत्संग, सेवा, प्रेम और भक्ति के इस दिव्य मिलन में सहभागी बनेंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता के साथ समागम स्थल की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। संतों की निस्वार्थ सेवा, परिश्रम और समर्पण से सामान्य सा प्रतीत होने वाला मैदान आज एक दिव्य आध्यात्मिक नगरी का स्वरूप धारण कर चुका है। विशाल पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की गई हैं। साथ ही, अत्याधुनिक एल.ई.डी. स्क्रीन स्थापित की जा रही हैं, ताकि परिसर के प्रत्येक कोने में बैठे श्रद्धालु प्रेरणादायक प्रवचनों, भावपूर्ण भजनों एवं आध्यात्मिक विचारों को सहजता से देख-सुन सकें और सत्संग की भावधारा से एकरूप हो सकें। यह संत समागम केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान, भक्ति, समर्पण और आत्मिक जागृति का पावन संगम है। यहाँ श्रद्धालु अपनी अंतर्चेतना को जागृत करने, परमात्मा से अपने संबंध को अनुभव करने तथा  विश्वबंधुत्व, सौहार्द और निस्वार्थ सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।