ऑल सेंट्स कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया ‘फूलदेई’ लोक पर्व
नैनीताल, शनिवार।
कुमाऊँ–गढ़वाल की समृद्ध लोक परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से ऑल सेंट्स कॉलेज में नर्सरी से कक्षा पाँच तक के नन्हे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ‘फूलदेई’ पर्व मनाया।
इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चे पारंपरिक लोकगीत “फूल देई, छम्मा देई” गाते हुए विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार तक गए और देहरी पर बुरांश (Rhododendron), उत्तराखंड के राज्य पेड़ के फूल तथा चावल बिखेरकर इस लोक पर्व की परंपरा का पालन किया। बच्चों की मधुर आवाज़ और उत्साह से पूरा वातावरण लोक संस्कृति की खुशबू से सराबोर हो उठा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजिना रिचर्ड्स ने बच्चों को इस पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा चॉकलेट वितरित कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक त्योहार बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें भारतीय लोक परंपराओं के महत्व से भी परिचित कराते हैं।
इससे पूर्व शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ‘फूलदेई’ पर्व के महत्व और इसकी लोक परंपराओं के बारे में बताया। बच्चों को समझाया गया कि यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और समृद्धि की कामना का प्रतीक है, जिसमें बच्चे घर-घर जाकर देहरी पर फूल चढ़ाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी विरासत और लोक संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उनमें अपनी परंपराओं के प्रति गर्व की भावना भी विकसित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाएँ भी उपस्थित रहीं और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।










