रिवर्स पलायन कर लौटे लोग भी होंगे जनगणना मे शामिल

नैनीताल l अपनी गणना अपना गांव अभियान उत्तराखंड के मुख्य संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि महानगरों से रिवर्स पलायन कर लौटे लोग जनगणना मे शामिल होंगे। वह अपने परिजनों के साथ जनगणना में अवश्य शामिल हों।
रविवार को नैनीताल क्लब में उत्तराखंड की जनगणना के आंकड़ों के संबंध में पत्रकार वार्ता में जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहला जनसंख्या परीक्षमन 1971 की जनगणना के आधार पर हुआ l जिसमें उत्तराखंड के 13 जिलों में 70 विधानसभा की सीटों का बंटवारा हुआ l जिसमें नौ पर्वतीय जिले में 40 सीटें व चार मैदानी जिलों को 30 विधानसभा सीटें मिली l सीटों का वितरण जनसंख्या के आधार पर किया गया l जिसके बाद दूसरा परीक्षमन 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर की गई जिसमें पर्वतीय जिलों की 40 सीटों की संख्या घट कर 34 व मैदानी क्षेत्रों की 34 से घटकर 24 हो गई l उन्होंने बताया कि 2027 की जनगणना डिजिटल व पेपर लेस होगी जिसका डाटा जल्दी पब्लिश होगा l 2011 की जनगणना के अनुसार टिहरी की जनसंख्या पांच फीसदी और पौड़ी की जनसंख्या में 10 फीसदी गिरावट हुई है l जहां पर्वतीय जिलों में जनसंख्या 4 फीसदी घट रही है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में 18 फ़ीसदी जनसंख्या बढ़ रही है l लॉकडाउन के दौरान पता चला कि प्रदेश के आठ लाख लोगों ने अपने गांव में आकर नवाचार किया l राज्य में जनगणना के लिए 30 हजार वार्ड बनाए गए है जिसमें प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या आठ सौ होगी l यदि ग्रामीण क्षेत्र में यदि इसी प्रकार पलायन होता रहा तो बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के बजट में कटौती होगी और प्रदेश में विधानसभा की सीटों में भी कटौती होगी l उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बजट व विधानसभा की सीटों को घटने से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने गांव में आकर अपनी जनगणना करानी होगी l लोगों को अपने गांव में आकर मौखिक रूप से अपनी और अपने परिवार की जनगणना बिना किसी दस्तावेज़ के करनी होगी l जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बजट से गांव का विकास किया जा सके l इसके साथ ही भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय बजट बढ़ेगा और आशा, आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के लाभ मिलेगा l उन्होंने कहा कि वह देहरादून में मुख्यमंत्री से वार्ता कर कथा वाचकों, गीतकरो, स्टेज शो कलाकारों के माध्यम से ग्रामीण जनगणना के लिए जागरूक करने के लिए कहा जाएगा l इस दौरान पूर्व सैनिक सोहन लाल खंडूरी और धना बिष्ट रही l












