कार्यक्रम के अंतिम दिन कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में गेट मीटिंग की

नैनीताल l राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद नैनीताल ने प्रान्तीय आव्हान पर शनिवार को गेट मीटिंग कार्यक्रम के अंतिम दिन कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में गेट मीटिंग की गई।गेट मीटिंग में बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर सरकार को अपनी एकजुटता का एहसास कराया, तथा 18 सूत्रीय मांगे पूर्ण होने तक एकजुट होकर संघर्ष करने का तथा सरकार से कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगों को यथा शीघ्र मंजूर के जाने का आव्हान किया गया।
परिषद के जिलाध्यक्ष असलम अली ने बताया कि जनपद के सभी विकास खंडों तथा विकास भवन भीमताल में सफल गेट मीटिंगों के पश्चात आज कार्यक्रम के अंतिम दिन में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन गेट मीटिंग कर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया तथा आंदोलन के द्वितीय चरण के लिए 7 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की रणनीति पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। विश्वविद्यालय में आयोजित गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय मुख्य संरक्षक बहादुर सिंह बिष्ट ने कहा वर्तमान परिस्थितियों में कर्मचारी वर्ग को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। सरकार द्वारा दिन प्रतिदिन तुगलकी फरमान जारी कर कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। बैठक में परिषद के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरजेश कांडपाल ने कहा कि विगत 15 जनवरी से आंदोलनरत है परंतु अभी तक सरकार की तरफ से कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है। जिससे जिससे कर्मचारियों में निराशा एवं आक्रोश दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। गेट मीटिंग में कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष मोहित सनवाल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे पूर्णतः न्यायोचित है। समस्त निगम, निकाय, विश्वविद्यालय, राजकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, अशासकी विद्यालय सहित अन्य सामान्य प्रकृति के कार्मिकों को राज्य कर्मी की भांति समस्त सुविधाएं अनुमन्य करने का निर्णय सरकार द्वारा यथा शीघ्र करना चाहिए। गेट मीटिंग में जगदीशचंद्र, शैलजा वर्मा, संजीव राम, रंजीत करती, दीपक बिष्ट, गणेश सिंह, कुलदीप, अभिराम पन्त , पूरन पाठक, यशवंत सिंह, नरेंद्र सिंह नैनवाल, अकरम अली, बिमला बिष्ट एलडी आर्या , इंदर आर्या , भास्कर, हिमांशुरजवार, जगदीश सती, दीपक देव, दीपक जोशी, दीक्षा महाजन, देवेंद्र सिंह रावत, तथा महेंद्र पाल, तारा रैखोला, जगदीश कफ्कोटी,सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।