नव वर्ष के संकल्प” पर गोष्ठी संपन्न संकल्प लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होते हैं -आचार्य श्रुति सेतिया

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “नव वर्ष के संकल्प ” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल से 600 वाँ वेबिनार था। योगाचार्य श्रुति सेतिया ने कहा कि संकल्प हमारी लक्ष्य प्राप्ति में सहायता करते हैं,व्यक्ति जब कुछ करने का निश्चय करता है तो उसका दृढ़ संकल्प ही आगे बड़ने में सहायक होता है।बिना संकल्प लिए कोई कार्य लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि हमें नव वर्ष पर भी कुछ संकल्प लेने चाहिएं कुछ अच्छा करने का और कुछ बुरी आदतों को छोड़ने का।मनुष्य जीवन परमात्मा की देन है जो परमात्मा के अलावा कोई किसी को दे नहीं सकता।ईश्वर द्वारा दिए गए ज्ञान वेद के आधार पर सृष्टि के आरंभ में ही हमारे ऋषि मुनियों ने प्रत्येक मनुष्य को पांच दैनिक कर्तव्य निर्धारित किए थे।पहला कर्तव्य ईश्वर का ध्यान करना,जिसे संध्या कहते हैं।दूसरा देव यज्ञ,अग्निहोत्र या हवन है।तीसरा पितृयज्ञ है जिसमें माता-पिता,परिवार वा समाज के बड़ो वा वृद्धजनों की श्रद्धापूर्वक सेवा करनी होती है। चौथा कर्तव्य अतिथि यज्ञ,अर्थात समाज वा देश के विद्वानों, आचार्यों,ज्ञानियों,समाज हितेषियो,देश भक्तों आदि की श्रद्धा के साथ सेवा,सहायता, सहयोग वा उनके प्रति श्रद्धा की भावना रखनी होती है।पांचवा कर्तव्य बलिवैश्व देव यज्ञ।यह प्राणी मात्र के प्रति मित्रता की भावना को रखते हुए जीवन यापन में सहयोग करना वा अपना जीवन शत प्रतिशत अहिंसापूर्वक व्यतीत करना।इन पांच कर्तव्यों के निर्वाह करने से व्यक्तिगत, सामाजिक,स्वदेश वा वैश्विक उन्नति के अनेक प्रयोजन सिद्ध होते हैं।हम समझते हैं कि नूतन वर्ष 2024 को मनाते हुए दैनिक पंच महायज्ञ को करने का संकल्प ले कर भी इस दिन को मना सकते हैं।नए साल पर अधिकांश लोग नशे की अपनी आदत को छोड़ने अथवा अपनी दिनचर्या से संबंधित संकल्प करते हैं।जैसे मंदिर जाना,सुबह जल्दी उठ कर मॉर्निंग वॉक पर जाना,रोज धर्म संबंधी किताबे पढ़ना आदि।इन संकल्पों के पीछे यह मूल भावना होती है कि उनके जीवन की गुणवत्ता बढ़े।वे अधिकांश समय तक स्वस्थ जीवन जी सकें। संकल्प लेना अच्छी बात है लेकिन इसके लिए खुद को तैयार करना पड़ता है और अपने मन को मजबूत करने की जरूरत पड़ती है।ये संकल्प हमें लक्ष्यों को प्राप्त करने की संभावनाओं की प्रत्याशा में उत्साह भर सकते हैं। मुख्य अतिथि आर्य नेत्री शिक्षाविद् चन्द्रकांता गेरा (कानपुर) व अध्यक्ष अनिता रेलन ने भी कर्म शील बनने का संदेश दिया।परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन करते हुए पुरूषार्थी बनने का आह्वान किया।राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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गायिका कौशल्या अरोड़ा, कृष्णा गांधी, प्रवीना ठक्कर, कमलेश हंस, उषा सूद, जगदीश कपूर, सुनीता अरोड़ा,शोभा बत्रा, संतोष धर,सुदर्शन चौधरी, सुदेश चुग ने मधुर भजन सुनाए।

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