नैनीताल की टूसी अनित साह लद्दाख की छह बड़ी चोटिया फतेह करने जा रही हैं, इससे पहले वह कई चोटिया फतेह कर बना चुकी है रिकॉर्ड

नैनीताल। नैनीताल की बहू टुसी अनित साह मिशन-6 का लक्ष्य पूरा कर नया इतिहास रचने जा रही हैं। इसके तहत वह लद्दाख की छह बड़ी चोटियां फतह करेंगी। इससे पूर्व टुसी पर्वतारोहण के क्षेत्र में न केवल भारत में कई बार सर्वश्रेष्ट रिकॉर्ड बना चुकी हैं, बल्कि विश्व स्तर पर भी उन्होंने इतिहास बनाया है। पिछले 26 वर्षो से पर्वतारोही के रुप में मेहनत कर रही टुसी भारत में सबसे अधिक पीक चढ़ने वाली महिला भी हैं। टुसी ने बताया कि एक नया रिकॉर्ड कायम करने के उद्देश्य से वह लद्दाख हिमालय की छह चोटियां फतह करने जा रही हैं। इसमें गोवा, पूणे, पंजाब से भारत के पांच लोगों का दल शामिल है। जिसका नेतृत्व टुसी करेंगी। उन्होंने बताया कि 25 दिन की इस कठिन यात्रा के लिए उनका दल 2 अगस्त को लेह पहुंचेगा। इस बीच सबसे पहले वह भारत तिब्बत सीमा पर स्थित 6 हजार 638 मीटर ऊंची चोटी लांगछेड़ कांगड़ी की चढ़ाई पूरी करेंगी। जिसके बाद 6 हजार 662 मीटर ऊंची चोटी चामशेर कांगड़ी पर झंडा लहराया जाएगा। इस बीच मेंडोक कांगड़ी की तीन चोटियां फतह करेंगी। इस तरह से वह लद्दाख की छह बड़ी चोटियों पर चढ़ाई करने वाली पहली महिला बनने का रिकॉर्ड बनाएंगी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा को वह स्वयं के खर्चे से पूरी कर रही हैं। इसके लिए उन्हें इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन से अनुमति मिल चुकी है। टुसी के अनुसार उन्हें पूर्ण विश्वास है, कि वह पूर्व की तरह ही इस बार भी कठिन परिश्रम के बाद सफल साबित होंगी। जिसके बाद एक नया इतिहास दर्ज होगा।

कंचनजंघा फतह करने वाली भारत की पहली महिला टुसी

टुसी वर्ष 2014 में 8 हजार 586 मीटर ऊंचाई वाली चोटी कंचनजंघा फतह कर भारत की पहली महिला बनी। इससे पूर्व उन्होंने 2013 में 8 हजार 848 मीटर ऊंची एवरेस्ट की चोटी फतेह की। वर्ष 2012 में माउंट सागर थलय फतह कर उन्होंने वश्व रिकॉर्ड बनाया था। जिसमें वह विश्व की पहली महिला के रुप में सफल साबित हुईं। अब तक वह 20 ऊंची चोटिंयां चढ़ चुकी हैं। पिछले वर्ष हिमालय लद्दाख में दस दिन के भीतर उन्होंने दो चोटियां फतह की थी।

19 साल तक कोलकाता में अंडे बेचे

टुसी बेहद मेहनती और संघर्षशील महिला हैं। उन्होंने बचपन से ही संघर्ष करना शुरू कर दिया था। वह बताती हैं, कि कोलकाता अपने मायके में उन्होंने लंबे समय तक अंडे की दुकान चलाई। जहां से उन्होंने पर्वतारोहण भी शुरु किया। जिसके बाद वह एक के बाद एक इतिहास रचते चली गई। यही कारण है कि बीते कुछ सालों के समय में उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

टुसी के पति अनित साह भी पर्वतारोही

टुसी साह के पति अनित साह भी पर्वतारोही हैं। उन्होंने वर्ष 1992 में पहली बार एवरेस्ट की चोटी फतह की थी। जिसमें वह युवा पर्वतारोही के रूप में सम्मानित भी हुए। जिसके बाद उन्होंने कई पीक चढ़े। वर्तमान में अनित एडवेंचर टूरिज्म का काम करते हैं। हर वर्ष 10 से 15 हजार छात्रों को वह सफल माउंटेन क्लाइंबिंग के लिए तैयार करते हैं।

सरकार के मदद की दरकार
पर्वतारोहण में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली नैनीताल निवासी टुसी कहती हैं, कि माउंटेन क्लाइंबिंग के क्षेत्र में सरकार को आगे आने चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड में भी युवा पर्वतारोहियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। लेकिन इस क्षेत्र में सरकार की ओर से कोई भी पहल नहीं की जाती है। उन्होंने सरकार से पर्वतारोहण को सहयोग करने की मांग की है। जिससे युवाओं को सफलता मिल सके।

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