“नारी उत्थान में महर्षि दयानंद का योगदान” गोष्ठी संपन्ननारी उत्थान की क्रान्ति का शंखनाद महर्षि दयानंद ने किया-आचार्य श्रुति सेतिया

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “नारी उत्थान में महर्षि दयानंद का योगदान” विषय पर ऑनलाईन गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह करोना काल से 585 वा वेबिनार था। कार्यक्रम यूट्यूब चैनल आर्य युवक परिषद पर लाइव दिखाया गया।

आचार्य श्रुति सेतिया ने कहा कि सर्वप्रथम महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने ही नारी उत्थान की क्रान्ति का शंखनाद किया। उन्होनें कहा कि स्वामी जी का मानना था की जब तक नारी शिक्षित नहीं होगी तब तक जागरूक नहीं हो सकती । ऋषि ने वेदों की कुंजी स्त्रियों के लिए सुलभ करा दी । महाभारत काल के बाद पतन का दौर चला और नारी निरंतर पतन की ओर धकेल दी गई । पौराणिक और संकीर्ण विचारधारा से इसको और अधिक बल मिला । नारी को नर्क का द्वार जैसे विशेषण से विभूषित किया गया और इन सब का परिणाम यह हुआ कि औरत को पैर की जूती समझा जाने लगा ।

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इस भारत भूमि पर देव दयानंद का आगमन उस समय हुआ जब नारी की अवस्था दयनीय थी । उन्होंने अनुभव कर लिया की स्त्री का उत्थान हुए बिना समाज अथवा राष्ट्र का उद्धार संभव नहीं, क्योंकि स्त्री भी पुरुष की भांति समाज रूपी गाड़ी का पहिया है । निसंदेह ऋषि ने नारी जागरण के लिए जिस वैचारिक और सामाजिक क्रांति का सूत्रपात किया और उस मिशन को आगे बढ़ाते हुए कन्या गुरुकुल एवम् गुरुकुलो का निर्माण किया, जिसके सुखद परिणाम हमारे सामने हैं । उन्होंने पर्दा प्रथा, सती प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई । नारी का स्थान सर्वोपरि मानकर नारी के गौरव को सदा के लिए अक्षुण्ण बना दिया । पर जितने प्रयास किए जाने थे उतने नहीं हो पा रहे हैं। इनका सबसे बड़ा कारण यह है की साक्षर होते हुए भी नारी धार्मिक आडंबरों का शिकार अधिक है, आवश्यकता है धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझने की ओर उसके अनुरूप आचरण करने की । एक बार फिर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वामी दयानंद के संदेश की संजीवनी शक्ति को सामाजिक जीवन में ग्रहण करने की अपेक्षा है । नारी जागरण के मर्म को विवेक के साथ व्याख्या की जरूरत है । स्वामी दयानंद तथा आर्य समाज ने नारी जाति के उत्थान के लिए जो कदम उठाए वो अतुलनीय हैं। संपूर्ण मानव जाति ,आर्य समाज तथा स्वामी जी की सदैव ऋणी रहेगी ।
मुख्य अतिथि आर्य नेत्री ऊषा सूद व अध्यक्ष विमला आहुजा ने भी महर्षि दयानंद जी के योगदान की चर्चा की। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया व राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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गायिका चन्द्र कांता गेरा, रचना वर्मा, जनक अरोड़ा, रविन्द्र गुप्ता, कमला हंस, नीलम गुप्ता, सुनीता अरोड़ा, कमलेश चांदना, विजय खुल्लर,कौशल्या अरोड़ा आदि ने मधुर भजन प्रस्तुत किए।

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