कुमाऊँ विश्वविद्यालय की छात्रा जापान के प्रतिष्ठित संस्थान जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजीमें इंटर्नशिप हेतु चयनित

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की बीएससी सेमेस्टर–7 की छात्रा मिताली नेगी का चयन जापान के प्रतिष्ठित जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में तीन माह की इंटर्नशिप के लिए हुआ है। यह इंटर्नशिप पूरी तरह से जापान के वित्तीय सहयोग से होगी। मिताली नेगी इस सप्ताह जापान के लिए रवाना होंगी।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत के जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ लंबे समय से सशक्त अकादमिक संबंध रहे हैं। वे वर्तमान में जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में विज़िटिंग प्रोफेसर हैं। प्रो. रावत ने दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यकाल के दौरान जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ अकादमिक सहयोग की शुरुआत की थी। दिसंबर 2023 में जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की यात्रा के दौरान उन्होंने कुमाऊँ विश्वविद्यालय के साथ शैक्षणिक आदान–प्रदान की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
इस समझौते के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रत्येक वर्ष कुमाऊँ विश्वविद्यालय के 2–3 छात्रों को अल्पकालिक इंटर्नशिप के लिए सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही, यदि छात्र का कार्य उत्कृष्ट पाया जाता है, तो उसे जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में पीएचडी प्रवेश का अवसर भी प्रदान किया जा सकता है। मिताली नेगी इस समझौते के तहत जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट आफ़ ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जाने वाली पहली छात्रा हैं, जो विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कुमाऊँ विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने यह प्रावधान किया है कि जो विद्यार्थी एक सेमेस्टर की इंटर्नशिप करते है, उन्हें उस अवधि में कक्षाओं में उपस्थित होने अथवा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे छात्रों का मूल्यांकन डिसर्टेशन के माध्यम से किया जाएगा, जिसे परीक्षकों द्वारा आंका जाएगा।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के जन संपर्क अधिकारी प्रो रीतेश साह ने बताया कि यह उपलब्धि कुमाऊँ विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका श्रेय कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत की दूरदर्शी पहल और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक नेटवर्क को जाता है।