प्रमोद शाह के निधन पर नैनीताल में कलाकारों व बुद्धिजीवियों ने शोक सभा कर दी श्रद्धांजलि।

Advertisement

नैनीताल l रंगमंच को समर्पित गीत एवं नाटक प्रभाग नैनीताल से सेवानिवृत्त शहर के एक महान कलाकार प्रमोद शाह के असामयिक निधन पर शारदा संघ में युग मंच द्वारा एक शोक सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में शहर के प्रबुद्ध जनों एवं कलाप्रेमी तथा कलाकारों में राजीव लोचन शाह, प्रकाश पांडे, नारायण सिंह जंतवाल, मिथिलेश पांडे, मदन मेहरा, सहित युग मंच के विभिन्न पदाधिकारी कलाकारों में जहूर आलम, डी के शर्मा, नवीन बेगाना, भास्कर बिष्ट, डॉo हिमांशु पांडे, काव्यांश, विनायक पंत, कौशल शाह आदि ने दिवंगत प्रमोद शाह से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उनको श्रद्धांजलि प्रदान की। युगमंच के अध्यक्ष जहूर आलम ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि प्रमोद शाह युग मंच की स्थापना और उनके पहले नाटक अंधा युग से ही साथ जुड़ें रहे। राजीव लोचन शाह जी ने बताया कि गिर्दा के व्यक्तित्व के विकास में एक अनन्य सहयोगी के रूप मे वो हमेशा उनके साथ रहे। नवीन बेगाना ने प्रमोद शाह जी को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि उनके पिताजी और प्रमोद शाह जी ड्रामा डिविजन में लंबे समय तक साथ रहे तो बचपन से ही उनका मार्गदर्शन एक पारिवारिक सदस्य के रूप मे मिलता रहा। मिथिलेश पांडे जी नें उनके अभिनय के साथ ही एक अनुभवी प्रशिक्षक के रूप मे उनके योगदान को याद किया, जबकि प्रकाश पांडे एवं पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल ने उनको सहृदय व्यक्तित्व बताते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। भास्कर बिष्ट ने बताया कि नाटकों में मंचन के समय पर्दे के पीछे से प्रत्येक कलाकार की जरूरतों का खयाल रखना उनकी खासियत थी। कौशल शाह ने कहा कि इतना अच्छा मेकअप मैन मिलना काफी मुश्किल होता है, वो कलाकार में जान डाल देते थे। युग मंच के संरक्षक डी के शर्मा ने उनके साथ अपने लंबे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वो महीनों तक उनके साथ एक परिवार के सदस्य के रूप में रहे और उनसे हमेशा प्रेरणा मिलती रही। डॉo हिमांशु पांडे ने जिस लाहौर नहीं देखा और चंडीगढ़ नाट्य महोत्सव में उनके साथ बिताए अनुभवों एवं उनके अद्भुत एवं चामत्कारिक मेकअप की याद दिलाते हुए कहा कि प्रमोद शाह जी के हाथ में जादू था। साथ ही सबसे वरिष्ठ कलाकार जितेन्द्र बिष्ट जी ने कहा कि स्व श्री प्रमोद शाह जी ने लगभग 3 दशक से अधिक राम का जीवंत अभिनय कर एक ऐसा कीर्तिमान बनाया जो कि टूटना असंभव है, साथ ही बैले के दौरान उनकी प्रस्तुतियां मंत्र मुग्ध का देती थीं। देर तक चली श्रद्धांजलि सभा में सभी ने प्रमोद शाह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

Advertisement