उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सीजीएचएस अतिरिक्त निदेशक से महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई

देहरादून। उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का परिचय एवं सीजीएचएस लाभार्थियों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हेतु एक बैठक अतिरिक्त निदेशक, सीजीएचएस डॉ. अश्वनी कुमार के साथ संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी ने की। बैठक के दौरान सीजीएचएस से जुड़े अनेक ज्वलंत विषयों पर सार्थक चर्चा हुई, जिन पर निम्न महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए—
- हाथीबड़कला सीजीएचएस डिस्पेंसरी का विलय शीघ्र किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो वर्तमान में मंत्रालय स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
- 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अब सीधे डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे तथा दवाइयाँ भी बिना लाइन में लगे प्राप्त कर सकेंगे।
- एडवाइजरी कमेटी की बैठक अब प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।
- प्रयोग में न आने वाली शेष दवाइयाँ केंद्र में वापस जमा कराने की अपील की गई।
- इम्पैनल्ड अस्पतालों में सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए बेड की कोई सीमा निर्धारित नहीं है, जिससे उपचार में सुविधा होगी।
- सीजीएचएस ड्रग पॉलिसी लागू हो चुकी है, जिसके अंतर्गत अधिकांश आवश्यक दवाइयाँ सीजीएचएस द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएँगी।
- सीजीएचएस मेडिकेयर इंश्योरेंस पॉलिसी अभी स्पष्ट नहीं है, जिस पर एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज कराते हुए इसका विरोध किया।
इस बैठक में एसोसिएशन के निम्न पदाधिकारी उपस्थित रहे- संरक्षक-तिलक राज शर्मा, अध्यक्ष- बी एस नेगी, उपाध्यक्ष- एच.एस. काला, महासचिव- रवीन्द्र दत्त सेमवाल, संयुक्त सचिव- पी.के. सिंह, कोषाध्यक्ष-ए.के. उनियाल, उप- कोषाध्यक्ष- ए.के. बहुखंडी, प्रचार सचिव-राजेन्द्र शास्त्री, संगठन सचिव -श्रीकांत विमल तथा ऑडिटर-आर पी उनियाल ।
एसोसिएशन ने डॉ. अश्वनी कुमार का सकारात्मक आश्वासन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा सीजीएचएस लाभार्थियों के हित में निरंतर संवाद बनाए रखने पर बल दिया।










