होलिका दहन बुराई का अंत

नैनीताल l होलिका दहन बुराई का अंत है जो अहंकारी राजा हिरण्यकशिपु की बहन होलिका की अंत का प्रतीक है जिसे अग्नि में न जलने का वरदान था, लेकिन वह भक्त प्रह्लाद को मारने के प्रयास में खुद जल गई। होलिका दहन
सकारात्मक ऊर्जा देता है । यह नकारात्मकता, बुराई और अहंकार को आग में भस्म करने का संदेश देता है।
धार्मिक मान्यता अनुसार लोग घर की सुख-समृद्धि के लिए पूजा करते हैं और आग में नई फसल की बालियां (अन्न) अर्पित करते हैं। मुहूर्त में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग एवं पर्यटक शामिल हुए । इस अवसर पर मनोज साह ,अशोक साह ,जगदीश बावरी , विमल चौधरी ,राजेंद्र बिष्ट , विमल साह , मुकेश जोशी ,कमलेश ढौंडियाल ,आनंद बिष्ट , गोधन सिंह ,गोविंद सिंह ,हीरा रावत ,मोहित लाल साह आदि उपस्थित रहे । श्री राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह तथा महासचिव जगदीश बावरी ने 30 वे फागोत्सव के सम्पन्न होने पर कलाकारों ,स्कूली बच्चों एवं प्रधानाचार्य , प्रशासन ,पुलिस एवं सभी का इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्य बाद किया है तथा सभी को होली की बधाई दी है ।