प्राचीन मुद्रा/रूपये का इतिहास आलेख -बृजमोहन जोशी


नैनीताल। क्या आपने कभी सोचा है कि आम दैनिक जीवन में हम जिन कहावतों का प्रयोग करते हैं उनकी वास्तविक सच्चाई
क्या है । क्या कहा आपने कौन सी कहावतैं…..?
*एक फूटी कौड़ी नहीं दूंगा।
*चमड़ी जाएं पर दमड़ी न जाए।
*सोलह आने सच।
*धेले का भी काम नहीं करती हमारी बहू।
*पाई पाई का हिसाब रखना आदि। कहते हैं पाई पाई का हिसाब प्राचीन मुद्रा, रुपये, पैसे का हिसाब है।
तो आइये जानते हैं रुपये , पैसे का इतिहास / प्राचीन भारतीय मुद्रा का इतिहास ।
*फूटी कौड़ी से कौड़ी ।
*कौड़ी से दमड़ी ।
*दमड़ी से धेला।
*धेला से पाई ।
*पाई से पैसा ।
*पैसा से आना ।
*आना से रुपया ।
२५६ दमड़ी = १९२ पाई = १२८धेला ।
६४ पैसा ( OLD ) = १६ आना = १ रूपया ।
३ फूटी कौड़ी = १ कौड़ी ।
१० कौड़ी = १ दमड़ी ।
२ दमड़ी = १ धेला ।
१.५ पाई = १ धेला ।
३ पाई = १ पैसा (पुराना) ।
४ पैसा = १ आना ।
१६ आना = १रुपया।

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