एडीबी के द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी धन का दुरप्रयोग किया जा रहा है
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नैनीताल झील के किनारे स्थित ऐतिहासिक दुर्गा शाह नगरपालिका पुस्तकालय का जीर्णोद्धार करने के दौरान कार्यदायी संस्था एडीबी के द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी धन का दुरप्रयोग करने को लेकर स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने न्यायमित्र से कहा है कि वे निदेशक पर्यटन व कार्यदायी संस्था एडीबी को पक्षकार बनाए। साथ मे कोर्ट ने उनसे जवाब प्रस्तुत करने को भी कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 18 मार्च की तिथि नियत की है। इस मामले को कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। जनहित याचिका में कहा गया कि यह पुस्तकालय का निर्माण वर्ष 1933-34 में श्री मोहन लाल साह द्वारा 5 हजार रुपये नगर पालिका नैनीताल को दान में देकर लकड़ी व अन्य सामग्री से इसका निर्माण करवाया था। पुस्तकालय में दुर्लभ व कई अन्य विषयों के महत्वपूर्ण पुस्तके रखी गयी। पहले कई समय तक यहां से लाउडस्पीकर के माध्यम से समाचार प्रसारित होते थे। वर्ष 2023 – 24 में इसका जीर्णोद्धार कार्यदायी संस्था एडीबी के द्वारा डेढ़ करोड़ की लागत से कराकर नगर पालिका को सौप दिया। मात्र डेढ़ वर्ष के भीतर ही इसमे लगाई गयी लकड़ी व शीशे उखड़ने लगे। वर्तमान में उखड़ी लकड़ी व शीशों को रस्सी से बांधकर उनको रोका गया है। ताकि कोई जान माल की हानि न हो। यह सब जीर्णोद्धार करते समय लगाई गयी घटिया सामग्री के कारण हुआ। जब इस सम्बंध में नगर पालिका ने राज्य सरकार को पत्र भेजा तो उस पर कोई विचार नही किया गया। जो कि यह एक सरकारी धन का दुरप्रयोग है। जनहित याचिका में कहा गया कि मामले की जांच कराई जाय।









