पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल पर विशेष

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हर वर्ष 22 अप्रैल के दिन पूरी दुनिया में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य मानव के भीतर पर्यावरण के प्रति जागरुकता और धरती को संरक्षित रखने में योगदान हेतु प्रोत्साहित करना है। 1970 से प्रारंभ हुए इस दिवस की
वर्ष 2024 की थीम प्लेनेट वर्सेज प्लास्टिक है जिसका उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करना है । पृथ्वी का महत्व इस बात से लगा सकते है की
माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः।
ये धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र पुत्री है।पृथ्वी को संस्कृत में पृथ्वी, “विशाल वन” तथा पृथ्वी माता भी कहा जाता है, पृथ्वी एक देवी का नाम भी है।
पृथ्वी हमारे सौर मंडल का एकमात्र ग्रह है जहाँ जीवन मौजूद है। इसलिए ऑक्सीजन और पानी की प्रचुर मात्रा जीवित प्राणियों के जीवन के लिए जरूरी हैं। सूर्य से अलग होने के कारण यह जीवन के लिए बहुत बेहतर है ।
ग्रीन हाउस गैसों की संद्रता बड़ने से ग्लोबल वार्मिंग जिसका सीधा असर जलवायु पर हो रहा है और जलवायु परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है ।प्रदूषण भी मुख्य कारक है तथा बढ़ती जनसंख्या पृथ्वी पर समस्याएं पैदा कर रही है जिससे जीवन में कठिनाई आ रही है । पृथ्वी की ज्ञात 17लाख पचास हजार प्रजातियो में मानव ही श्रेष्ठ है ऐसे में मानव की जिम्मेदारी है की की पृथ्वी को संरक्षित रखे तथा सतत विकास में योगदान दे जिससे जीवन सुरक्षित रह सके । इसी लिए कहा गया है विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्वमे l डॉ ललित तिवारी

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