कुमाऊँ विश्वविद्यालय अंतरमहाविद्यालयी बास्केटबॉल पुरुष प्रतियोगिता में डी.एस.बी. परिसर नैनीताल बना चैंपियन

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय अंतरमहाविद्यालयी बास्केटबॉल पुरुष प्रतियोगिता में डी.एस.बी. परिसर, नैनीताल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की। डी.एस.बी. परिसर नैनीताल द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में मेजबान टीम ने सरदार भगत सिंह पी.एन.जी. कॉलेज, रामनगर को 48–24 अंकों से पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया।

प्रतियोगिता में कुल छह महाविद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया। इनमें डी.एस.बी. परिसर, नैनीताल, पी.एन.जी. कॉलेज, रामनगर, ज्ञानार्थी मीडिया कॉलेज, काशीपुर, राधे हरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर तथा एस.आई.एम.टी., काशीपुर, एम बी पी जी हल्द्वानी महाविद्यालयों की टीमें शामिल रहीं।
उद्घाटन समारोह में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट मुख्य अतिथि तथा कुलसचिव प्रो. रितेश शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में खिलाड़ियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और कठिन परिश्रम का महत्व समझाते हुए खेल भावना के साथ आगे बढ़ने तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. चंद्रकला रावत ने अतिथियों, प्रतिभागी टीमों, आयोजकों एवं उपस्थितजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके उपरांत डॉ. संतोष कुमार ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए इसके महत्व और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जसपुर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्कर सिंह, पूर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डी.एस. बिष्ट, पूर्व क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नागेंद्र प्रसाद शर्मा, डॉ. मनोज बिष्ट, प्रो. मनोज कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. शिवागी चनयाल, डॉ. मोहित एवं डॉ. दीपक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के सफल एवं निष्पक्ष संचालन में निर्णायक मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायक मंडल में हरीश जोशी, हरीश चौधरी, ज्ञान डांगी, समीर अली, फरीद तथा फरदीन खान सहित अन्य निर्णायक शामिल रहे।
प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीम को बधाई दी गई। साथ ही सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के खेल कौशल, अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की सराहना की गई। प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा आपसी सहयोग और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।

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