छात्रावास संबंधित प्रकाशित समाचार पर कुमाऊं कुवि प्रशासन का स्पष्टीकरण

नैनीताल l कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के डीएसबी परिसर स्थित महिला छात्रावास से संबंधित हाल ही में प्रकाशित समाचार के संदर्भ में विश्वविद्यालय प्रशासन यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह प्रकरण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज एक एकल शिकायत से संबंधित था, जिसे यूजीसी द्वारा दिनांक 28 नवम्बर 2025 को विश्वविद्यालय को अग्रसारित किया गया। विश्वविद्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय के माध्यम से एंटी-रैगिंग समिति का गठन कर नियमानुसार विस्तृत जांच कराई।
डीएसडब्ल्यू कार्यालय द्वारा गठित एंटी-रैगिंग समिति ने दिनांक 05 दिसम्बर 2025 को महिला छात्रावास का स्थलीय निरीक्षण किया और इस दौरान कनिष्ठ छात्राओं, वरिष्ठ छात्राओं, छात्रावास मैट्रन, छात्रावास प्रशासन एवं संकाय सदस्यों से पृथक-पृथक एवं गोपनीय संवाद किया गया। समिति में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता, एनजीओ प्रतिनिधि, नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ-साथ मल्लीताल एवं तल्लीताल थानों के पुलिस अधिकारी भी सम्मिलित थे। लगभग 38 सदस्यीय समिति द्वारा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा की गई। समिति की विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली को भी प्रेषित कर दी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल के महीनों में सभी छात्रावासों के उन्नयन हेतु विशेष प्रयास किए हैं। इसके अंतर्गत सभी छात्रावासों का नवीनीकरण कराया गया है तथा कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार छात्रावासों में वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जलापूर्ति, स्वच्छता एवं रसोई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, जिससे छात्राओं को बेहतर एवं सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।
इसी अवधि में कुलपति महोदय द्वारा स्वयं अवकाश के दिन अकेले छात्रावास का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने जल टंकियों की जांच की, रसोईघर का निरीक्षण किया, स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की तथा छात्राओं से छोटे-छोटे समूहों में संवाद किया। इस दौरान किसी भी छात्रा द्वारा कोई शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई। कुलपति द्वारा छात्रावास की छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त कुलपति महोदय द्वारा छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करने हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से भी संपर्क व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे छात्र अपनी समस्याएं एवं सुझाव सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुँचा सकें। हाल ही में कुलपति द्वारा शोधार्थियों के साथ एक ओपन हाउस बैठक का आयोजन भी किया गया, जिसमें 140 से अधिक शोधार्थियों ने सहभागिता की और विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर खुलकर चर्चा की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्र-छात्राओं से संबंधित सभी विषय अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय द्वारा देखे जाते हैं तथा परीक्षा से संबंधित विषयों के लिए नियंत्रक परीक्षा कार्यालय पूर्ण रूप से उत्तरदायी है, जिससे छात्रों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन मीडिया संस्थानों से विनम्र निवेदन करता है कि किसी भी संवेदनशील विषय से संबंधित समाचार के प्रकाशन से पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन से तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें, जिससे पाठकों तक संतुलित एवं प्रमाणिक जानकारी पहुँच सके। कुमाऊँ विश्वविद्यालय छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा रैगिंग के विरुद्ध विश्वविद्यालय की शून्य सहिष्णुता नीति प्रभावी रूप से लागू है।