“नव रात्र कैसे हो सुख दायी” पर गोष्ठी संपन्नभारतीय नव वर्ष उत्साह से मनाये-दर्शनाचार्य विमलेश बंसल

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “नवरात्र कैसे हो सुखदायी ” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया I य़ह करोना काल से 630 वां वेबिनार था I वैदिक विदुषी विमलेश बंसल दर्शनाचार्य ने कहा कि चित्रा नक्षत्र से नामित चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा ही सभी मानवों की उत्पत्ति, ग्रहों नक्षत्रों, वेद विद्या, युग इत्यादि की उत्पत्ति का दिवस है जो बड़े ही धूम धाम से मनाया जाना चाहिए, जब एक परिवार के एक बालक का जन्म भी जोर शोर से मनाया जाता है तो यह तो ऋषियों, मुनियों, बहुतायत प्राणियों, मानवों का एक साथ उत्पत्ति दिवस है। फिर क्यों नहीं इसे जोर शोर से मनाया जाए। दूसरी बात इन दिनों में अनेक महानपुरूषों का इतिहास, राज्याभिषेक और जन्म भी जुड़ता चला आ रहा है इसलिए और मान्य तथा प्रमाणिक होता चला जाता है। आर्यसमाज की स्थापना भी चैत्र मास की शुक्ल पंचमी को हुई, शक्ति भक्ति के नवरात्र जिसमें नौ दिन तक साधना करना ईश्वर का धन्यवाद करना, जप, ध्यान, गायत्री यज्ञ करना करणीय अनिवार्य कर्म होते हैं वहीं घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक और सामाजिक केंद्रों को सजाने संवारने के साथ धार्मिक आयोजन कर सद्कर्म का नव संकल्प लेते हुए नववर्ष को बड़े स्तर पर मनाना चाहिए।
हर घर पर भगवा ध्वज हो यह जिम्मेवारी हम सबकी हो, ग्रीटिंग कार्ड्स प्रेषण, टेलीफोन,सोशल मीडिया आदि पर अधिकाधिक संदेशों से शुभकामनाएं और बधाई का सिलसिला थमना नहीं चाहिए।
मुख्य अतिथि आर्य नेत्री राजश्री यादव व अध्यक्ष कृष्णा पाहुजा ने नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्साह पूर्वक मनाने का आह्वान किया I परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपनी पुरातन संस्कृति पर गौरव करने का आह्वान किया I राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने शुभकामनाये प्रदान करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया I

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गायिका जनक अरोड़ा, कौशल्या अरोड़ा, उषा सूद, रविन्द्र गुप्ता, ललिता धवन,सुधीर बंसल विजय खुल्लर, मृदुल अग्रवाल के मधुर भजन हुए I

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