बृजमोहन जोशी, नवम दिवस “”सबसे प्रथम पूज्य देवता हैं माता-पिता

भवाली (नैनीताल)! श्रीमद् देवी भागवत कथा के नवम दिवस की कथा का शुभारंभ व्यास जी द्वारा प्रथम पूज्य गणेश की कथा के साथ किया गया।‌माता पिता की तीन बार परिक्रमा करने से ही गणेश जी को गणपति बनने का अधिकार और प्रथम पूज्य देवता होने का अधिकार प्राप्त हुआ।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आज नवम दिवस के मुख्य यजमान थे श्रीमती नीलम मेहरा बालम सिंह मेहरा, बालम सिंह मेहरा ,श्रीमती वसंती मेहरा सगत सिंह मेहरा।आज प्रातः
काल आचार्य उप व्यास कैलाश चंद्र पांडे,आचार्य कैलाश चंद्र जोशी,आचार्य गिरीशचंद्र जोशी,
आचार्य नीरज पलड़िया,‌मोहन
चन्द कपिल,दीपेश कपिल द्वारा नित्य पूजन अभिषेक,भगवती विग्रह पूजन,गणेश पूजन,पंचांग पूर्वांगादि पूजन,तथा मन्दिर परिसर में समस्त देवी-देवताओं का विधिवत पूजन अर्चन किया गया।
आज की कथा से पूर्व संगीत गायकों आचार्य उमा शंकर कपिल,नीरज सती,आचार्य
नीरज ढौंढियाल के द्वारा देवी भजन के बाद सामूहिक रूप से” श्री हनुमान चालीसा” पाठ किया गया।
आज की कथा में निरंजनी अखाड़े के तपोनिधि विवेकानंद सरस्वती जी महाराज पधारे, तथा कथा श्रवण कर उन्होंने सभी श्रृद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
व्यास कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा मंगलाचरण के उपरांत प्रथम पूज्य गणेश की कथा के गूढ़ रहस्य को समझाया कि इस संसार में माता पिता की सेवा ही प्रथम पूजा है।विघ्नहर्ता गणेश जी किस प्रकार अपनी बुद्धि के बल से अपने माता-पिता की तीन बार परिक्रमा कर प्रथम पूज्य देवता कहलाये इस कथा को समझाया।आगे कथा में गायत्री माता के महात्म्य को बतलाया।व्यास जी ने कहा कि गायत्री मंत्र सबसे बड़ा मंत्र है। गायत्री मंत्र से बढ़कर और कोई मंत्र नहीं है।तुलसी महात्म्य, शंखासुर,शालीग्राम, हरिशयनी – हरि बोधिनी एकादशी,मां गंगा व भगवान श्री राम की कथा को भी विस्तार पूर्वक सुनाया।
मुख्य यजमान बालम सिंह जी ने इस यज्ञ को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने हेतु समस्त ईष्ट मित्रों, बन्धु बान्धवों, मातृशक्ति समस्त नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी के उज्वल भविष्य,मंगलमय की कामना की।
व्यास जी ने बतलाया कि कल दिनांक २८ मार्च दशमी को प्रात: ७ बजे से पूजन- गणेशादि पूजा, ९:३० से हवन – यज्ञ, पूर्णाहुति,११:३०से पुस्तक पूजन,व्यास पूजन, १२:३० से कन्या पूजन,आशीर्वचन,महा आरती, प्रसाद वितरण के उपरांत विशाल भन्डारे का आयोजन किया है।मुख्य यजमान बालम सिंह मेहरा जी ने सभी श्रृद्धालुओं से निवेदन किया है कि कथा के दसवें दिन मां भगवती जगदम्बिका के पूजन में,इस विशाल भंडारे में सम्मिलित होकर मां अखिल ब्रह्माण्ड नायिका जगज्जननी भगवती की अनुकम्पा कृपा प्राप्त करें।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हरि शंकर काण्डपाल,महेश जोशी,मनीष साह,नवीन क्वीरा,
आरती भगत तथा अनेक श्रद्धालु भक्तों के द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। तथा आज भी हजारों भक्तों ने प्रसाद प्राप्त किया।‌