देवी मंदिर भवाली में कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ श्रीमद् देवी भागवत कथा

भवाली (नैनीताल)! देवी मंदिर भवाली में कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ।
१९ से २८ मार्च २०२६ तक आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस प्रातः आचार्य गिरीश चंद्र जोशी, कैलाश चंद्र पांडे, कैलाश जोशी, मोहन चन्द कपिल, नीरज पडलिया ,दीपेश कपिल द्वारा देवी भागवत कथा के मुख्य आयोजक यजमान श्रीमती एवं श्री बालम सिंह मेहरा पुत्र श्रीमती एवं सगत सिंह मेहरा,जी की उपस्थिति में सभी आचार्य द्वारा देवी भगवती विग्रह का निर्माण नवग्रह निर्माण,
सर्वत्तो भद्र निर्माण,गणेश पूजन,पंचांग पूर्वांगादि -पूजन किया गया। इसके उपरांत मातृशक्ति द्वारा शहर में कलश यात्रा निकाली गई जो भवाली बाजार से होते हुए देवी मंदिर पहुंची जहां मातृशक्ति द्वारा सुन्दर देवी भजनों का गायन किया गया।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के व्यास आचार्य कैलाश चंद्र सुयाल द्वारा अपराह्न दो बजे से श्रीमद् देवी भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
इस शुभ अवसर पर व्यास जी द्वारा श्री शुभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सम्वत्सर फल सुनाया गया। श्रीमती एवं बालम सिंह मेहरा पुत्र श्रीमती सगत सिंह मेहरा द्वारा पारम्परिक लोक संस्था” परम्परा ” नैनीताल द्वारा प्रकाशित तथा आचार्य कैलाश चंद्र सुयाल द्वारा सम्पादित पंचांग “परम्परा” अंक – ६ का विमोचन किया गया।परम्परा नामक इस पंचांग को व्यास द्वारा उपस्थित सभी श्रद्वालु भक्तजनों को देवी प्रसाद के रूप में सादर भेंट किया गया।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस व्यास कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा नव दुर्गाओं के माहात्म्य पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया।
श्रीमद् देवी भागवत कथा में संगीतकार आचार्य उमा शंकर कपिल, नीरज सती,पंकज जोशी द्वारा समय-समय पर श्रीमद् देवी भागवत कथा में सुंदर भजनों का गायन किया गया।
पारम्परिक लोक संस्था परम्परा नैनीताल के निदेशक बृजमोहन जोशी द्वारा इस शुभ अवसर पर भवाली में चार विभूतियों श्रीमती रम्भा साह, श्रीमती मंशा साह, श्री संगत सिंह मेहरा, श्री मथुरा दत्त जोशी जी को सम्मानित किया गया।परम्परा
नैनीताल वर्ष २००४ से २०२५ तक ७५ बहु आयामी विभूतियों को चिह्नित कर सम्मानित भी कर चुकी है तथा नैनीताल में तथा विभिन्न क्षेत्रों में वर्ष १९९६ से भारतीय नववर्ष चैत्र प्रतिपदा के शुभ अवसर पर नव वर्ष मिलन समारोह का आयोजन करती आ रही है।
इस श्रीमद् देवी भागवत यज्ञ को सफल बनाने में हरि शंकर काण्डपाल,आरती भगत तथा अनेक भक्तों द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। व्यास जी ने सभी श्रृद्धालुओं से निवेदन किया कि देवी मंदिर भवाली में आज दिनांक १९ मार्च से २८ मार्च २०२६ तक आयोजित इस श्रीमद् देवी भागवत यज्ञ में अपराह्न २ बजे से प्रतिदिन श्रीमद् देवी भागवत कथा/प्रवचन किया जायेगा। व्यास जी ने सभी श्रृद्धालुओं से यह भी निवेदन किया कि इस शुभ कार्य में सम्मिलित होकर मां भगवती जगदम्बिका की कृपा प्राप्त करें। व्यास जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के फलस्वरूप समस्त आपत्तियां नष्ट होती हैं और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।










