ऑल सेंट्स कॉलेज में शिक्षकों के लिए ‘विशिष्ट अधिगम अक्षमता’ पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
नैनीताल। ऑल सेंट्स कॉलेज में शिक्षकों के लिए विद्यार्थियों में पाई जाने वाली विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के विषय पर एक महत्वपूर्ण और संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं के शिक्षकों को ऐसे बच्चों की पहचान और उन्हें उचित शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर सुश्री सारा वानिया हक़, जो वर्तमान में विशेष शिक्षा में परास्नातक कर रही हैं और क्लीनिकल साइकोलॉजी में भी परास्नातक उपाधि प्राप्त कर चुकी हैं, ने शिक्षकों को विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने अपने शोध कार्य के अंतर्गत विकसित एमटीएसएस (MTSS – Multi-Tiered System of Supports) आधारित शिक्षक-सहायता टूलकिट के बारे में विस्तार से बताया। यह टूलकिट सामान्य कक्षा के शिक्षकों को उन विद्यार्थियों की पहचान करने और उन्हें सहयोग देने में मदद करता है, जो प्रारंभिक स्तर (प्री-प्राइमरी से कक्षा तीन तक) में विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं के जोखिम में हो सकते हैं।
सत्र के दौरान शिक्षकों को कक्षा में बच्चों के व्यवहार, सीखने की गति, पढ़ने-लिखने की कठिनाइयों तथा गणितीय समझ से जुड़े संकेतों को पहचानने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि समय रहते उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर ऐसे बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करने के लिए शिक्षकों की संवेदनशीलता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने और सभी बच्चों के समग्र विकास पर बल देते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजिना रिचर्ड्स ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक सत्र शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराते हैं और विद्यार्थियों की विविध सीखने की आवश्यकताओं को समझने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिससे यह सत्र अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।










