तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ

नैनीताल । डॉ.आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेस प्रभाग (NEGD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “e-Governance through Artificial Intelligence” (कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से ई-गवर्नेस) विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 29 से 31 जनवरी, 2026 तक किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 29 जनवरी, 2026 को अकादमी के महानिदेशक बी.पी. पाण्डेय द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र में संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार, उप निदेशक वी. के. सिंह तथा कार्यक्रम निदेशक बिकास के.नायक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों एवं विभागों से 30 प्रतिभागी अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम अकादमी एवं NeGD द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणाएँ, स्मार्ट एवं उत्तरदायी शासन में AI की भूमिका, सुदृढ़ AI अवसंरचना का निर्माण, जेनरेटिव AI, AI प्रणालियों में जोखिम न्यूनीकरण, तथा शासन में जिम्मेदार AI के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियाँ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को विभिन्न AI टूल्स पर व्यवहारिक (हँड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महानिदेशक बी. पी. पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा शासन व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI के माध्यम से शासकीय सेवाओं को अधिक तेज, कुशल, पारदर्शी, उद्देश्यपूर्ण, डेटा आधारित एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है, जिससे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने AI से जुड़े नैतिक, सृजनात्मक, भावनात्मक एवं मानवीय मूल्यों से संबंधित मुद्दों और चुनौतियों पर भी चर्चा की तथा व्यक्तिगत एवं आधिकारिक जीवन में AI के संतुलित उपयोग पर बल दिया। महानिदेशक ने प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों में AI के संभावित उपयोग के क्षेत्रों की पहचान करें, जिससे शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सुगम एवं प्रभावी बनाया जा सके।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों के आयोजन हेतु देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में तैनात वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों एवं निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल एक्सपर्ट्स को आमंत्रित किया गया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शासन में नवाचार एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।










