14 अप्रैल को आयोजित होगी दूसरी ट्रायथलॉन

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नैनीताल l शहर की रन टू लिव संस्था की ओर से इस बार 14 अप्रैल में दूसरी ट्रायथलॉन का आयोजन किया जाएगा। नैनी झील में तैराकी प्रतिबंधित होने के कारण इस वर्ष कार्यक्रम नौकुचियाताल में आयोजित किया जाएगा। ट्रायथलॉन के लिए आयोजक संस्था ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। 31 मार्च तक प्रतिभागी पंजीकरण करा सकेंगे। अब तक भारतीय सेना की टीम के साथ ही एकल रुप से चार लोग पंजीकरण करा चुके है। रविवार को आयोजक संस्था पदाधिकारियों ने बोट हाउस क्लब में पत्रकार वार्ता कर कार्यक्रम सांझाञ किया। रन टू लिव युवा के संयोजक सागर देवराड़ी ने बताया कि 14 अप्रैल को दूसरी ट्रायथलॉन का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल विकास निगम और जीडी गोएनखा इंटरनेशनल स्कूल सहयोगी है। बताया कि ट्रायथलॉन में एकल व टीम दो वर्गों में प्रतिभाग किया जा सकता है। एकल वर्ग में एक ही प्रतिभागी को 500 मीटर तैराकी, 20 किमी साइकिल रेस व दस किमी दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं टीम में अलग-अलग गतिविधियों को अलग-अलग रुप से तीन प्रतिभागी पूरा कर सकते है। बताया कि संस्था की ओर से पंजीकरण शुरू कर दिये गए है। जिसमें एकल वर्ग में एक हजार व टीम वर्ग में 1500 रुपये शुल्क रखा गया है। 31 मार्च तक ही पंजीकरण स्वीकार किये जायेंगे। सागर देवराड़ी ने बताया कि नकुचियाताल झील से 500 मीटर तैराकी के साथ ट्रायथलॉन का शुभारंभ किया जाएगा। तैराकी पूरी करने वाले प्रतिभागी नकुचियाताल से जंगलियागाव रोड होते हुए वापस केएमवीएन के परिचय रिजार्ट में 20 किमी साइकिलिंग पूरी करेंगे। जिसके ठीक बाद परिचय से भीमताल और वापस जीडी गोएनखा इंटरनेशनल स्कूल में दस किमी की दौड़ पूरी करेंगे। जहां पुरस्कार वितरण समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। बताया कि प्रतियोगिता के दोनों वर्गों में पहला स्थान पाने वाले प्रतिभागी को दस हजार, दूसरे को सात हजार व तीसरा स्थान पाने वाले प्रतिभागी को पांच हजार का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इस दौरान संस्था सचिव हरीश तिवारी, सुधीर वर्मा, भरत अधिकारी, नरेंद्र रावत मौजूद रहे।

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संसाधन होने के बावजूद प्रतिभाओं की उपेक्षा

संस्था पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता के दौरान पहाड़ों में खिलाड़ियों को तैयार करने के संसाधन होने के बावजूद उनकी उपेक्षा किये जाने की बात कही। पदाधिकारियों ने कहा कि ट्रायथलॉन एक अलग तरह का आयाेजन है, जिसमें प्रतिभाग के बाद प्रतिभा को निखार खिलाड़ी राष्ट्रीय व अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर करियर बना सकते है। मगर प्राकृतिक वॉटर बॉडी होने के बावजूद नैनी झील में तैराकी पर प्रतिबंध है। मुंबई के रहने वाले प्रभात कोली ने नैनीझील में अभ्यास कर सात समंदर पार करने का विश्व रिकार्ड बनाया, मगर यहां के युवाओं को झील में तैराकी प्रतिबंधित होने के कारण प्रतिभा निखारने का अवसर नहीं मिल रहा है। कहा कि जिला प्रशासन को इसकों लेकर पहल करनी चाहिए।

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