123 वी जयंतीपर डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया नमन, राष्ट्रवाद के प्रहरी थे डॉ मुखर्जी- प्रवीण आर्य

समान आचार संहिता लागू कर डॉ.मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करो
-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 123 वें जन्मोत्सव पर ऑनलाइन विचार गोष्ठी का आयोजन श्रद्धांजलि अर्पित की गई I
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि देश में समान आचार संहिता लागू करना ही डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी l आज समान अचार संहिता लागू करना समय की आवश्यकता है,हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी जी धारा 370 के बाद इस पुनीत कार्य को भी अपने कर कमलों से करके इतिहास बनाएंगे I
उन्होने कहा कि आर्य समाज समान आचार संहिता का पुरजोर समर्थन करता है। एक देश में एक समान कानून लागू होने ही चाहिए। डॉ. मुखर्जी अखण्ड भारत के स्वप्न द्रष्टा थे, उन्होंने उस समय जम्मू कश्मीर की परमिट परिपाटी के विरुद्ध संघर्ष का सिंहनाद किया था।उन्होंने राष्ट्र को सन्देश दिया कि एक देश में दो प्रधान,दो विधान,दो निशान नहीं चलेंगे।वे जम्मू कश्मीर को भारत का अविभाज्य अंग बनाने के लिए बलिदान हो गए।उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धारा 370 व 35A समाप्त करके दी गयी है। वह कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम आयु के उपकुलपति बने, उन्होंने पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किया ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था।उनके पिता भी सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे।अपने पिता का अनुसरण करते हुए उन्होंने भी अल्पायु में ही विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित कर लीं व 33 वर्ष की अल्पायु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के प्रान्तीय अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया, उनके कार्य सदियों तक आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे। वह राष्ट्र वाद के प्रहरी थे I
आचार्य महेन्द्र भाई ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेने का आह्वान किया I प्रान्तीय महामंत्री अनुपम आर्य (हापुड़) ने आभार व्यक्त करते हुए डॉ.मुखर्जी को राष्ट्रवाद का प्रतीक बताया। ओम सपरा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है तभी हम राष्ट्रीय एकता अखंडता को मजबूत रख सकते हैं।

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