ब्रह्मचारी बालकराम प्रज्ञाचक्षु जन्मोत्सव पर 11000 गायत्री मंत्रों का जाप किया गया
देहरदून I आज दिनांक 10 अप्रैल 2026 को आर्य समाज मंदिर, शमशेरगढ़, देहरादून में ब्रह्मचारी बालकराम प्रज्ञाचक्षु जी के 112 वें जन्मोत्सव पर ब्रह्मचारी जी के वंशजों के द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम प्रात:काल 7 बजे से आचार्य रविन्द्र कुमार आर्य जी के सानिध्य में ब्रह्मचारियों द्वारा 11000 गायत्री मंत्रों का जाप, 1100 आहुतियों से महायज्ञ किया गया तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्यवक्ता के रूप में प्रोफेसर डॉ श्रीमती सुखदा सोलंकी (अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, डी.ए.वी. महावियालय), कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ आर्य श्री प्रेम प्रकाश शर्मा (मंत्री, वैदिक साधन आश्रम तपोवन), मंच संचालक – डॉ स्वामी एस. चंद्रा एवं आयोजन समिति के मुख्य- श्रीकांत विमल ने ब्रह्मचारी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
यज्ञ के उपरान्त भजनोपदेशक पंडित घनश्याम आर्य, भूपेंद्र आर्य, पिंटू कुमार आर्य की टीम ने सुन्दर भजनों की प्रस्तुति दी जिससे सभी भक्तगण तालियां बजा कर उत्साहवर्धन करते रहे, इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर शमशेरगढ़ के प्रधान विजय सिंह तथा मंत्री सुरेन्द्र कुमार, आर्य समाज चोईला के प्रधान ओम प्रकाश सिंह, कोटद्वार से आए आर्यवीर नंदन सिंह रावत, आर्य समाज सुभाष नगर के प्रधान ओम प्रकाश मलिक, भगत सिंह, पीयूष शास्त्री, संदीप आर्य, रविंद्र दत्त सेमवाल, राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यवक्ता प्रो. डॉ. सुखदा सोलंकी ने वेदों को पढ़ने और बच्चों को गायत्री मंत्रो के उच्चारण का विस्तार से समझाया, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रेम प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में गायत्री मंत्र के अनुवाद कर उसकी महिमा का वर्णन किया,
आचार्य रविन्द्र कुमार आर्य ने संस्कारवान बनाने के लिये परिवार को विशेष ध्यान देने की जरूरत बताया, श्रीकांत विमल ने गायत्री महीमा का विषय रखा, सुश्री प्रेरणा आर्य ने ब्रह्मचारी जी का जीवन परिचय दिया, कार्यक्रम का सफल संचालन समाजिक कार्यकर्ता डा. स्वामी एस. चन्द्रा ने किया, atithiyo ब्रह्मचारी बालकराम प्रज्ञाचक्षु जन्मोत्सव पर 11000 गायत्री मंत्रों का जाप किया गया
देहरदून I आज दिनांक 10 अप्रैल 2026 को आर्य समाज मंदिर, शमशेरगढ़, देहरादून में ब्रह्मचारी बालकराम प्रज्ञाचक्षु जी के 112 वें जन्मोत्सव पर ब्रह्मचारी जी के वंशजों के द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम प्रात:काल 7 बजे से आचार्य रविन्द्र कुमार आर्य जी के सानिध्य में ब्रह्मचारियों द्वारा 11000 गायत्री मंत्रों का जाप, 1100 आहुतियों से महायज्ञ किया गया तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्यवक्ता के रूप में प्रोफेसर डॉ श्रीमती सुखदा सोलंकी (अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, डी.ए.वी. महावियालय), कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ आर्य श्री प्रेम प्रकाश शर्मा (मंत्री, वैदिक साधन आश्रम तपोवन), मंच संचालक – डॉ स्वामी एस. चंद्रा एवं आयोजन समिति के मुख्य- श्रीकांत विमल ने ब्रह्मचारी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
यज्ञ के उपरान्त भजनोपदेशक पंडित घनश्याम आर्य, भूपेंद्र आर्य, पिंटू कुमार आर्य की टीम ने सुन्दर भजनों की प्रस्तुति दी जिससे सभी भक्तगण तालियां बजा कर उत्साहवर्धन करते रहे, इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर शमशेरगढ़ के प्रधान विजय सिंह तथा मंत्री सुरेन्द्र कुमार, आर्य समाज चोईला के प्रधान ओम प्रकाश सिंह, कोटद्वार से आए आर्यवीर नंदन सिंह रावत, आर्य समाज सुभाष नगर के प्रधान ओम प्रकाश मलिक, भगत सिंह, पीयूष शास्त्री, संदीप आर्य, रविंद्र दत्त सेमवाल, राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. सुखदा सोलंकी ने वेदों को पढ़ने और बच्चों को गायत्रीमंत्रो के उच्चारण का विस्तार से समझाया, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रेम प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में गायत्री मंत्र के अनुवाद कर उसकी महिमा का वर्णन किया,
आचार्य रविन्द्र कुमार आर्य ने संस्कारवान बनाने के लिये परिवार को विशेष ध्यान देने की जरूरत बताया, श्रीकांत विमल ने गायत्री महीमा का विषय रखा, सुश्री प्रेरणा आर्य ने ब्रह्मचारी जी का जीवन परिचय दिया, कार्यक्रम का सफल संचालन समाजिक कार्यकर्ता डा. स्वामी एस. चन्द्रा ने किया,शांतिपाठ के पश्चात ऋषि लंगर का आयोजन किया गया I










