जिला देहरादून में एक ही दिन में राष्ट्रीय लोक अदालत में 12444 मामलों के निस्तारण के साथ रू0 30,33,93,475 की धनराशी पर समझौता

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल की अध्यक्षता में 12 सितम्बर 2026 को प्रातः 10.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक जिला मुख्यालय देहरादून, बाह्य न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी एवं चकराता के न्यायालयों में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले, पारिवारिक मामलें, चैक बाउन्स से सम्बंधित मामलें, शमनीय प्रकृति के आपराधिक मामलें तथा अन्य प्रकृति के मामले संदर्भित किए गये थे। इस लोक अदालत में जनपद देहरादून में फौजदारी के शमनीय प्रकृति के 242 मामलें चैक सम्बंधी 742 मामलें, धन वसूली सम्बंधी 04 मामलें, मोटर-दुर्घटना क्लेम ट्राईबुनल के 73 मामलें, पारिवारिक विवाद सम्बंधी 158 मामलें, पब्लिक यूटिलिटी सर्विस सम्बंधी 29 मामले, मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत शमनीय अपराधों के 3858 मामलें, एवं अन्य सिविल प्रकृति के 137 मामलों, अन्य समझौते योग्य 13 मामले सहित कुल 5541 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 264989532/- रू० की धनराशि पर समझौता हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  पाण्डेगांव और तलिया में मनाया गया आंगन मिलन उत्सवसेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को किया सम्मानित, बच्चों का अन्नप्राशन और वृक्षारोपण

साथ ही बाह्य न्यायालय, विकासनगर के न्यायिक अधिकारियों द्वारा लोक अदालत में कुल 1316 मामलों का आपसी राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया, जिसमें कुल 1,71,24,800/- रू0 की धनराशि पर समझौता किया गया तथा बाह्य न्यायालय ऋषिकेश के

न्यायिक अधिकारियों द्वारा लोक अदालत में कुल 557 मामलों का निस्तारण कर कुल 2,59,13,969/- रूपये की धनराशि पर समझौता किया गया । बाह्य न्यायालय डोईवाला द्वारा 179 मामलों का निस्तारण कर कुल 1,16,58,219/- रूपये की धनराशि पर समझौता किया गया । बाह्य न्यायालय मसूरी द्वारा 55 मामलों का निस्तारण कर कुल 8,21,083/- रूपये की धनराशि पर समझौता किया गया। बाह्य न्यायालय चकराता द्वारा 73 मामलों का निस्तारण कर कुल 10,91,500/- रूपये की धनराशि पर समझौता किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष / जिला जज श्री हरीश कुमार गोयल जी द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय प्रणाली की गरिमा को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लोक अदालतों के माध्यम से आपसी सहमति, सौहार्द एवं संवाद की भावना को प्रोत्साहन मिलता है, जिससे समाज में शांति, भाईचारे एवं सामंजस्यपूर्ण वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालतें आमजन को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का एक सशक्त एवं प्रभावी माध्यम हैं। लोक अदालतों में पारित किए गए निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा प्रकरणों के निस्तारण उपरांत पक्षकारों को उनके द्वारा जमा किया गया न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती तथा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि “आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्राप्त उल्लेखनीय निस्तारण मा० जिला जज देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल जी के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ प्रभावी समन्वय का परिणाम है। उनके नेतृत्व में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम द्वारा किये गये सामूहिक एवं समर्पित प्रयासों से बड़ी संख्या में वादों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निस्तारण संभव हो सका”।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों व अन्य संस्थानों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर के मामले भी निस्तारित किये गये। उक्त लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर के कुल 6903 मामलों का सफल निस्तारण किया गया तथा 3,84,03,943/- रू0 की धनराशि पर पक्षकारों के मध्य समझौता हुआ।

दिनांक : 12.09.2026

Advertisement
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad